गोपाल खेमका हत्याकांड में अशोक साव गिरफ्तार, 25 साल पहले छोड़ दिया था बिहारशरीफ

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बिहारशरीफ (नालंदा) : उद्योगपति गोपाल खेमका की हत्या के मामले में बड़ा खुलासा हुआ है। पुलिस ने इस मामले में अशोक साव नामक व्यक्ति को गिरफ्तार किया है और उससे पूछताछ जारी है। अशोक साव वर्तमान में पटना के उदयगिरी अपार्टमेंट के फ्लैट संख्या 601 में रहते थे। उनका पैतृक घर नालंदा जिले के लहेरी थाना अंतर्गत मथुरिया मोहल्ला में है, जिसे उन्होंने लगभग 25 साल पहले छोड़ दिया था।

अशोक साव तीन भाइयों में सबसे बड़े हैं। उनके छोटे भाई अजय साव और मेम साव अपने-अपने व्यवसाय में लगे हुए हैं। परिवार के बीच अभी तक संपत्ति का बंटवारा नहीं हुआ है, जिसकी वजह से किराए की आय कोर्ट ट्रेजरी में जमा की जा रही है। बताया जाता है कि परिवार के पास अरबों रुपये की संपत्ति है, जिसमें कोल्ड स्टोरेज, दुकानों, मकानों और सैकड़ों बीघा जमीन शामिल है।

स्थानीय लोगों के मुताबिक अशोक साव पहले लोहे का कारोबार करते थे और बिहारशरीफ से पटना चले गए थे। मथुरिया मोहल्ला के निवासी सोनेलाल ने बताया कि अशोक साव एक व्यवसायी किस्म के व्यक्ति रहे हैं, लेकिन पिछले दो दशक से उनका मोहल्ले से कोई संपर्क नहीं रहा। अब तो मोहल्ले के बच्चे उन्हें पहचानते भी नहीं हैं।

अशोक साव की पत्नी की मृत्यु करीब 28 साल पहले ब्रेस्ट कैंसर के कारण हो गई थी। उनके एक बेटा और दो बेटियां हैं। मोहल्ले में रहने वाले बुजुर्गों और पड़ोसियों को भी इस बात पर हैरानी है कि गोपाल खेमका की हत्या के मामले में अशोक साव का नाम सामने आया है। उनके सगे भाइयों ने कैमरे पर कुछ भी कहने से इनकार कर दिया।

इसके अतिरिक्त, अशोक साव पर वर्ष 2007 में सरकारी कार्य में बाधा डालने का मामला दर्ज हुआ था। यह मामला तत्कालीन बिहारशरीफ अंचलाधिकारी द्वारा लहेरी थाना में दर्ज कराया गया था, जिसमें अशोक साव के खिलाफ चार्जशीट भी दाखिल हो चुकी है।

पुलिस अब अशोक साव से गोपाल खेमका हत्याकांड को लेकर विस्तृत पूछताछ कर रही है और हत्या के पीछे की मंशा तथा संबंधों की पड़ताल कर रही है।

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