प्रतिभाओं के सम्मान को नालंदा से पटना रवाना हुए हजारों लोग, सोनू कुशवाहा के नेतृत्व में निकला वाहनों का काफिला
बिहारशरीफ। पटना के बापू सभागार, गांधी मैदान में आयोजित लव-कुश प्रतिभा सम्मान समारोह-2026 में शामिल होने के लिए रविवार को नालंदा जिले से करीब सात हजार लोग पटना के लिए रवाना हुए। राष्ट्रीय लोक मोर्चा के जिलाध्यक्ष सोनू कुशवाहा के नेतृत्व में जिले के विभिन्न प्रखंडों और क्षेत्रों से बड़ी संख्या में कार्यकर्ता एवं समर्थक समारोह में शामिल होने के लिए पटना पहुंचे।
बड़ी संख्या में लोगों के पटना रवाना होने से राष्ट्रीय लोक मोर्चा के कार्यकर्ताओं में खासा उत्साह देखा गया। जिलाध्यक्ष सोनू कुशवाहा ने बताया कि समारोह में BPSC परीक्षा में सफलता हासिल करने वाले लव-कुश समाज के प्रतिभावान छात्र-छात्राओं को सम्मानित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि प्रतिभाओं को सम्मानित करने का उद्देश्य युवाओं को प्रोत्साहित करना और समाज के अन्य विद्यार्थियों को प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए प्रेरित करना है।

सोनू कुशवाहा ने कहा कि मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की दूरगामी सोच का परिणाम है कि बिहार के सैकड़ों प्रोफेसरों को ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी में प्रशिक्षण के लिए भेजे जाने की पहल की जा रही है। उन्होंने कहा कि उपेन्द्र कुशवाहा ने केंद्र सरकार में शिक्षा मंत्री रहते हुए तत्कालीन महागठबंधन सरकार की शिक्षा व्यवस्था के खिलाफ प्रखंड से लेकर जिला, प्रमंडल, राज्य और दिल्ली तक आंदोलन किया था। उनके अनुसार, उपेन्द्र कुशवाहा की ओर से उठाई गई 14 सूत्री मांगों को एनडीए सरकार ने स्वीकार किया, जिसके बाद बिहार में शिक्षा के क्षेत्र में बदलाव देखने को मिल रहा है।
विकास भवन का नाम ‘नीतीश भवन’ करने की मांग
इस अवसर पर राष्ट्रीय लोक मोर्चा के जिलाध्यक्ष सोनू कुशवाहा ने पटना स्थित विकास भवन का नाम बदलकर ‘नीतीश भवन’ किए जाने की मांग भी उठाई। उन्होंने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने बिहार के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है और राज्य में विकास कार्यों को गति देने में उनका योगदान रहा है। इसी को देखते हुए विकास भवन का नाम ‘नीतीश भवन’ किया जाना चाहिए।

सोनू कुशवाहा ने कहा कि पटना में आयोजित समारोह के दौरान मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के समक्ष इस मांग को प्रमुखता से रखा जाएगा। उन्होंने कहा कि समारोह में शामिल होने वाले लोगों के बीच भी यह मांग चर्चा का विषय रहेगी।
नालंदा से बड़ी संख्या में लोगों के पटना रवाना होने के बाद जिले में समारोह को लेकर राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर चर्चा तेज हो गई है। कार्यकर्ताओं का कहना है कि प्रतिभा सम्मान जैसे आयोजनों से विद्यार्थियों और युवाओं को आगे बढ़ने की प्रेरणा मिलती है। समारोह में नालंदा की बड़ी भागीदारी को लेकर लोगों में भी उत्सुकता बनी हुई है।
