मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना से ग्रामीण महिलाओं के लिए खुला उद्यमिता का नया द्वार
नालंदा में 225 सुधा बिक्री केंद्र खोलने का लक्ष्य, चंडी की ललिता देवी को मिला पहला केंद्र
नालंदा, 25 अगस्त। ग्रामीण महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त और आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में बिहार सरकार की मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना के तहत नई पहल शुरू की गई है। इसके अंतर्गत बिहार स्टेट मिल्क को-ऑपरेटिव फेडरेशन लिमिटेड (COMFED) और जीविका के बीच अभिशरण स्थापित कर ग्रामीण क्षेत्रों की महिलाओं को उद्यमिता के अवसर उपलब्ध कराने के लिए सुधा बिक्री केंद्र खोले जा रहे हैं।
इसी कड़ी में मंगलवार को पटना सचिवालय स्थित मुख्यमंत्री कार्यालय में आयोजित कार्यक्रम के दौरान बिहार की पांच चयनित महिलाओं को सुधा बिक्री केंद्र की चाबी और COMFED द्वारा जारी लाइसेंस प्रदान किया गया। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने चयनित महिलाओं को चाबी सौंपकर उनके उद्यमिता सफर की शुरुआत कराई।
इन पांच महिलाओं में नालंदा जिले के चंडी प्रखंड के बढ़ौना गांव निवासी ललिता देवी भी शामिल हैं। ललिता देवी को सुधा बिक्री केंद्र की चाबी के साथ COMFED द्वारा जारी लाइसेंस प्रदान किया गया। उनके केंद्र के शुभारंभ के साथ नालंदा जिले में इस योजना के तहत सुधा बिक्री केंद्र स्थापित करने की पहल शुरू हो गई है।
दूध-दही समेत सुधा के उत्पादों की होगी बिक्री
ललिता देवी के बिक्री केंद्र पर नालंदा डेयरी द्वारा उत्पादित सुधा के विभिन्न उत्पादों की बिक्री की जाएगी। इनमें दूध, दही, पेड़ा सहित अन्य डेयरी उत्पाद शामिल हैं। इससे स्थानीय उपभोक्ताओं को गुणवत्तापूर्ण डेयरी उत्पाद उपलब्ध होने के साथ ललिता देवी को स्वरोजगार और नियमित आय का अवसर मिलेगा।
COMFED और जीविका के संयुक्त प्रयास से स्थापित किए जा रहे इन केंद्रों पर डेयरी उत्पादों के सुरक्षित रखरखाव और व्यवस्थित बिक्री के लिए आवश्यक संसाधन एवं सुविधाएं उपलब्ध कराने की व्यवस्था की जा रही है। इस पहल का उद्देश्य जीविका से जुड़ी महिलाओं को संगठित व्यावसायिक अवसर उपलब्ध कराकर उन्हें स्थानीय स्तर पर सफल उद्यमी के रूप में विकसित करना है।
नालंदा में खुलेंगे 225 सुधा बिक्री केंद्र
नालंदा जिले में कुल 225 सुधा बिक्री केंद्र स्थापित करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। ललिता देवी के केंद्र के शुभारंभ के साथ इस महत्वाकांक्षी योजना की जिले में शुरुआत हो गई है।
यह पहल महज बिक्री केंद्र खोलने तक सीमित नहीं है, बल्कि ग्रामीण महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। जीविका की सामुदायिक ताकत और COMFED के डेयरी नेटवर्क के बीच समन्वय से महिलाओं को स्थानीय स्तर पर स्थायी आय के अवसर मिलने की उम्मीद है।
ललिता देवी की उद्यमिता की शुरुआत नालंदा की अन्य जीविका दीदियों के लिए भी प्रेरणा बन सकती है। योजना के माध्यम से महिलाओं को अवसर, संसाधन और संस्थागत सहयोग उपलब्ध कराकर उन्हें आत्मनिर्भर बनाने तथा परिवार और समाज की आर्थिक स्थिति मजबूत करने की दिशा में प्रयास किया जा रहा है।
