एक करोड़ महिलाओं को रोजगार से जोड़ने का लक्ष्य, अनीमिया मुक्त बिहार अभियान का शुभारंभ

0
WhatsApp Image 2026-08-26 at 6.24.32 AM

रक्षाबंधन से पहले मुख्यमंत्री ने महिलाओं के रोजगार, स्वास्थ्य और सशक्तिकरण से जुड़ी कई योजनाओं का किया शुभारंभ

पटना। रक्षाबंधन के पूर्व मुख्यमंत्री सचिवालय स्थित संवाद सभागार में आयोजित कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने महिलाओं को रोजगार और स्वास्थ्य से जोड़ने के उद्देश्य से तीन दिवसीय विशेष अभियान का शुभारंभ किया। इस दौरान उन्होंने महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण, स्वास्थ्य, रोजगार और शिक्षा से जुड़ी कई महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि अगले तीन वर्षों में बिहार की एक करोड़ महिलाओं को सीधे रोजगार से जोड़ने का लक्ष्य रखा गया है। उन्होंने कहा कि महिलाओं और बहनों की प्रगति के बिना विकसित और समृद्ध बिहार का संकल्प पूरा नहीं किया जा सकता।

30 नवंबर तक चलेगा अनीमिया मुक्त बिहार अभियान

मुख्यमंत्री ने ‘अनीमिया मुक्त बिहार’ विशेष अभियान की शुरुआत की। यह अभियान 25 अगस्त से 30 नवंबर 2026 तक संचालित किया जाएगा। इसके तहत अनीमिया की रोकथाम, जांच, उपचार और इसके प्रति जागरूकता को व्यापक स्तर पर बढ़ावा दिया जाएगा। अभियान के माध्यम से करीब 1 करोड़ 20 लाख 82 हजार 500 लाभार्थियों तक पहुंचने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।

सुधा सखी और जीविका से महिलाओं को मिलेगा रोजगार

मुख्यमंत्री ने कहा कि महिलाओं को सुधा सखी, जीविका सुधा बिक्री केंद्र और दूध संग्रहण केंद्रों से जोड़कर रोजगार के नए अवसर उपलब्ध कराए जाएंगे। डेयरी क्षेत्र में महिलाओं की भागीदारी को बढ़ाकर 80 प्रतिशत तक करने का लक्ष्य रखा गया है।

उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना के तहत सुधा बिक्री केंद्र स्थापित करने वाली महिलाओं को करीब 60 हजार रुपये की सहायता दी जा रही है। इसके अलावा राज्य के सभी 534 प्रखंडों में पशु औषधि बिक्री केंद्र खोलने का अभियान भी शुरू किया गया है।

अंतरजातीय विवाह पर 2.50 लाख रुपये की सहायता

महिलाओं एवं छात्राओं के सशक्तिकरण की दिशा में सरकार की ओर से एक और महत्वपूर्ण पहल की घोषणा की गई। मुख्यमंत्री ने बताया कि अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति वर्ग की महिलाओं के अंतरजातीय विवाह पर बिहार सरकार की ओर से 1.25 लाख रुपये तथा केंद्र सरकार की ओर से 1.25 लाख रुपये की सहायता दी जाएगी। इस प्रकार पात्र लाभार्थियों को कुल 2.50 लाख रुपये की सहायता मिलेगी।

प्रतियोगी परीक्षाओं में सफल छात्राओं को प्रोत्साहन

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रमुख प्रतियोगी परीक्षाओं की प्रारंभिक परीक्षा उत्तीर्ण करने वाली सभी वर्गों की छात्राओं को भी प्रोत्साहन राशि दी जाएगी। इसके तहत परीक्षा के स्तर के अनुसार छात्राओं को 30 हजार रुपये से लेकर एक लाख रुपये तक की प्रोत्साहन राशि उपलब्ध कराई जाएगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का उद्देश्य महिलाओं और छात्राओं को स्वास्थ्य, शिक्षा, रोजगार एवं आर्थिक अवसरों से जोड़कर उन्हें आत्मनिर्भर बनाना है। उन्होंने कहा कि महिलाओं की आर्थिक भागीदारी बढ़ने से न केवल परिवार मजबूत होगा, बल्कि बिहार के विकास को भी नई गति मिलेगी।

About The Author

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *