पालिका मार्केट की 40 दुकानें सील, व्यापारियों में मचा हड़कंप

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इस्लामपुर (नालंदा) नगर परिषद द्वारा की गई बड़ी प्रशासनिक कार्रवाई ने गुरुवार को पूरे शहर के व्यापारियो में हलचल मचा दी। बकाया राशि जमा नहीं करने को लेकर पालिका मार्केट की करीब चालीस दुकानों को अचानक सील कर दिया गया, जिससे न सिर्फ प्रभावित दुकानदारों बल्कि आसपास के व्यापारियों में भी भय और असमंजस की स्थिति बन गई। सूत्रों के अनुसार, नगर परिषद लंबे समय से पालिका मार्केट के दुकानदारों द्वारा बकाया किराया जमा नहीं करने और समाप्त हो चुके अनुबंध का नवीनीकरण कराने के लिए नोटिस जारी की थी। कई बार चेतावनी देने के बावजूद दर्जनों दुकानदारों ने नियमों का पालन नहीं किया। इसके बाद प्रशासन ने सख्त कदम उठाते हुए सीलिंग की कार्रवाई को अंजाम दिया। बताया जाता है कि कुछ दुकानदार वर्षों से किराया बकाया रखे हुए थे, जिससे नगर परिषद को राजस्व का भारी नुकसान हो रहा था। साथ ही कई दुकानों का लीज एग्रीमेंट भी खत्म हो चुका था, फिर भी वे बिना नवीनीकरण के व्यवसाय चला रहे थे।गुरुवार सुबह नगर परिषद के कार्यपालक पदाधिकारी पूजा माला के नेतृत्व में टीम पालिका मार्केट पहुंची। उनके साथ पुलिस बल भी मौजूद थे ताकि किसी प्रकार की अव्यवस्था न हो। अधिकारियों ने सूची के अनुसार एक-एक दुकान को खाली कराकर सील करना शुरू किया। इस दौरान कई दुकानदारों ने प्रशासन से मोहलत देने की मांग की। कुछ ने आरोप लगाया कि उन्हें पर्याप्त समय नहीं दिया गया, जबकि कुछ ने आर्थिक तंगी का हवाला देते हुए राहत की गुहार लगाई। हालांकि, प्रशासन ने स्पष्ट कर दिया कि नियमों की अनदेखी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।अचानक हुई इस कार्रवाई से बाजार में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। कई दुकानदार अपनी दुकानों के बाहर खड़े होकर स्थिति को समझने की कोशिश करते नजर आए। प्रभावित व्यापारियों का कहना है कि तालाबंदी से उनकी रोजी-रोटी पर सीधा असर पड़ा है। व्यापारियों ने प्रशासन से बातचीत कर समाधान निकालने की मांग की । उनका कहना है कि अगर कुछ समय और दिया जाता, तो अधिकांश दुकानदार बकाया राशि जमा करने के इच्छुक हैं। नगर परिषद के अधिकारियों ने साफ तौर पर कहा है कि यह अभियान आगे भी जारी रहेगा। जिन दुकानदारों ने अभी तक बकाया नहीं चुकाया है या जिनका अनुबंध समाप्त हो चुका है, उनके खिलाफ भी इसी तरह की कार्रवाई की जाएगी। अधिकारियों ने यह भी स्पष्ट किया कि जो दुकानदार शीघ्र बकाया राशि जमा कर देंगे और एग्रीमेंट का नवीनीकरण करा लेंगे, उन्हें नियमानुसार राहत दी जा सकती है और उनकी दुकानें खोली जा सकती हैं। इस कार्रवाई के बाद अब बाजार के अन्य दुकानदार भी सतर्क हो गए हैं। कई लोग अपने दस्तावेजों और भुगतान की स्थिति को दुरुस्त करने में जुट गए हैं। वहीं, व्यापारियों और प्रशासन के बीच संभावित वार्ता की उम्मीद भी जताई जा रही है, ताकि कोई मध्य मार्ग निकाला जा सके।फिलहाल, पालिका मार्केट में सन्नाटा पसरा है और सील की गई दुकानों के बाहर लगे नोटिस लोगों का ध्यान खींच रहे हैं। पूरे मामले को लेकर शहर में चर्चाओं का दौर तेज है और सभी की नजरें प्रशासन के अगले कदम पर टिकी हुई हैं।

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