नालंदा विश्वविद्यालय में कार्यवाहक कुलपति पर रहे प्रो. अभय कुमार सिंह बनाये गये झारखंड मुक्त विश्वविद्यालय के कुलपति
कुलपति बनने के बाद प्रो. सिंह ने की राज्यपाल एवं मुख्यमंत्री से मुलाकात :
सुदूर ग्रामीण एवं जनजातीय क्षेत्रों तक पहुंचे उच्च शिक्षा : प्रो. सिंह
अनुमंडल संवाददाता, राजगीर।
राजीव लोचन की रिपोर्ट…
राजगीर(नालंदा)। नालंदा विश्वविद्यालय में कार्यवाहक कुलपति पद पर रहे प्रोफेसर अभय कुमार सिंह झारखंड मुक्त विश्वविद्यालय का कुलपति बनाये गये हैं। प्रो. सिंह ने कुलपति का पद संभालने के बाद झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन एवं राज्यपाल संतोष गंगवार से मुलाकात की। उन्होंने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को विश्वविद्यालय की वर्तमान शैक्षिक एवं प्रशासनिक स्थितियों तथा विभिन्न गतिविधियों से विस्तारपूर्वक अवगत कराया। झारखंड मुक्त विश्वविद्यालय की भावी योजनाओं से भी परिचित कराया। विशेष रूप से विश्वविद्यालय में नामांकन बढ़ाने, झारखंड के सुदूर ग्रामीण एवं जनजातीय क्षेत्रों तक उच्च शिक्षा की पहुंच सुनिश्चित करने तथा सामान्य विद्यार्थियों को मुक्त एवं दूरस्थ शिक्षा प्रणाली के माध्यम से उच्चतर शिक्षा के अवसर उपलब्ध कराने के अपने संकल्पों एवं लक्ष्यों से मुख्यमंत्री को अवगत कराया। प्रोफेसर सिंह ने मुख्यमंत्री से विश्वविद्यालय की प्रगति एवं विकास हेतु सतत सहयोग एवं मार्गदर्शन प्रदान करने का आग्रह भी किया। इसके अलावा प्रोफेसर सिंह ने राज्यपाल संतोष गंगवार से भी मुलाकात की।

उन्होंने कुलाधिपति संतोष गंगवार से मिलकर विश्वविद्यालय की शैक्षिक एवं प्रशासनिक गतिविधियों की विस्तृत जानकारी दी तथा विश्वविद्यालय के समग्र विकास एवं शिक्षा की गुणवत्ता उन्नयन हेतु अपनी प्राथमिकताओं से अवगत कराया। प्रोफेसर सिंह ने राज्यपाल महोदय से भी विश्वविद्यालय की उन्नति के लिए मार्गदर्शन मांगा। राज्यपाल संतोष गंगवार ने ही प्रोफेसर अभय कुमार सिंह को झारखंड राज्य मुक्त विश्वविद्यालय के कुलपति पद पर नियुक्त किया है।
प्रोफेसर सिंह प्रख्यात इतिहासवेत्ता एवं विशिष्ट शैक्षणिक प्रशासक :
प्रोफेसर अभय कुमार सिंह नालंदा विश्वविद्यालय के प्रख्यात इतिहासवेत्ता रह चुके हैं। शैक्षिक एवं प्रशासनिक क्षेत्र में उनकी एक विशिष्ट एवं सम्मानित पहचान है। उन्होंने नालंदा विश्वविद्यालय में लगातार दो वर्षों तक कार्यवाहक कुलपति के रूप में अपनी अमूल्य सेवाएं प्रदान की हैं। उनके उस कार्यकाल को शिक्षा जगत में अत्यंत सम्माननीय दृष्टि से देखा जाता है। इस दौरान उन्होंने शिक्षा के विकास हेतु कई महत्वपूर्ण एवं दूरगामी निर्णय लिए।
जेएसओयू में पारदर्शिता एवं सर्वसमावेशी नेतृत्व का संकल्प :
पदभार ग्रहण करने के उपरांत प्रोफेसर सिंह ने झारखंड मुक्त विश्वविद्यालय के कामकाज को अधिकाधिक पारदर्शी, जवाबदेह एवं जनोपयोगी बनाने की दिशा में तत्परता के साथ कार्य प्रारंभ कर दिया है। उनकी कार्यशैली की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि वे विश्वविद्यालय के शिक्षकों, विद्यार्थियों एवं प्रशासन तंत्र से जुड़े समस्त हितधारकों को एकजुट करके सहभागिता की भावना से संस्थान को आगे ले जाने की अद्वितीय क्षमता रखते हैं। शिक्षा विशेषज्ञों एवं विश्वविद्यालय परिवार का मानना है कि प्रोफेसर अभय कुमार सिंह के सुयोग्य एवं अनुभवी नेतृत्व में झारखंड मुक्त विश्वविद्यालय नये कीर्तिमान स्थापित करेगा। उनका दूरदर्शी नेतृत्व न केवल विश्वविद्यालय को नई ऊंचाइयों तक ले जाएगा, बल्कि झारखंड राज्य में उच्च शिक्षा को जन-जन तक सुलभ कराने के महत्वाकांक्षी लक्ष्य को भी साकार करेगा।
