राजगीर में प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना के अंतर्गत दो दिवसीय प्रदर्शनी सह व्यापार मेला का शुभारंभ
एम.एस.एम.ई.-विकास एवं सुविधा कार्यालय, पटना द्वारा प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना के अंतर्गत अंतरराष्ट्रीय कन्वेंशन सेंटर, राजगीर (नालंदा) में आयोजित दो दिवसीय प्रदर्शनी सह व्यापार मेला का शुभारंभ माननीय केंद्रीय सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्री श्री जीतन राम मांझी जी द्वारा दीप प्रज्ज्वलन एवं रिबन काटकर किया गया।
इस अवसर पर मेले में प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना से जुड़े कारीगरों एवं उद्यमियों द्वारा लगाए गए लगभग 110 स्टॉलों में विभिन्न पारंपरिक उत्पादों का प्रदर्शन किया गया। मेले में बढ़ई, लोहार, कुम्हार, दर्जी, मोची, सुनार सहित अन्य पारंपरिक व्यवसायों से जुड़े कारीगरों ने अपने उत्पादों का प्रदर्शन किया।

कार्यक्रम के उद्घाटन सत्र में कॉन्फ्रेंस हॉल में 400 से अधिक प्रतिभागियों की उपस्थिति रही, जिसमें कारीगर, उद्यमी, विद्यार्थी एवं विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित थे। माननीय मंत्री श्री जीतन राम मांझी जी ने अपने संबोधन में प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना के माध्यम से पारंपरिक कारीगरों को सशक्त बनाने तथा उन्हें आधुनिक बाजार से जोड़ने की सरकार की प्रतिबद्धता को रेखांकित किया।
कार्यक्रम में एमएसएमई-डीएफओ, पटना के निदेशक श्री आर.के. चौधरी ने स्वागत भाषण देते हुए कार्यक्रम की रूपरेखा प्रस्तुत की। इस अवसर पर श्री शुभम कुमार, उप विकास आयुक्त, नालंदा; श्री सचिन कुमार, महाप्रबंधक, जिला उद्योग केंद्र, नालंदा; कैप्टन सत्यप्रकाश, अध्यक्ष, DICCI बिहार चैप्टर; श्री आर.सी. मंडल, संयुक्त निदेशक, RDSDE; श्री मोहन कुमार, अतिरिक्त महाप्रबंधक, ऑर्डिनेंस फैक्ट्री, नालंदा तथा श्री श्रीकांत सिंह, LDM, नालंदा ने भी अपने विचार व्यक्त किए।
कार्यक्रम के अंतर्गत आयोजित तकनीकी सत्र में श्री सत्यं कुमार (GeM ट्रेनर) द्वारा सरकारी ई-मार्केटप्लेस (GeM) के माध्यम से विपणन के अवसरों की जानकारी दी गई। वहीं सुश्री सोनल पटेल (ट्रेनर) ने कारीगरों एवं उद्यमियों को ब्रांडिंग, पैकेजिंग तथा सेल्स एवं मार्केटिंग के महत्व के बारे में विस्तार से जानकारी दी, जिससे वे अपने उत्पादों को बेहतर तरीके से बाजार में प्रस्तुत कर सकें और अपनी बिक्री बढ़ा सकें।
इस अवसर पर उपस्थित अतिथियों ने कारीगरों के स्टॉलों का अवलोकन किया तथा उनके उत्पादों की सराहना की। कार्यक्रम का उद्देश्य पारंपरिक कारीगरों को बाजार उपलब्ध कराना, स्वरोजगार को बढ़ावा देना तथा MSME मंत्रालय की योजनाओं के प्रति जागरूकता फैलाना है।

एमएसएमई-डीएफओ, पटना के अधिकारियों एवं कर्मियों ने भी इस कार्यक्रम के सफल आयोजन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। विशेष रूप से श्री तुषार पांडेय, श्री शुभम बरला, श्री हरेंद्र प्रसाद, श्री आशीष आनंद तथा श्री प्रभात कुमार के समन्वय, परिश्रम एवं सक्रिय सहयोग से प्रदर्शनी सह व्यापार मेले का आयोजन सुव्यवस्थित एवं सफलतापूर्वक संपन्न हो सका। इन अधिकारियों ने स्टॉल प्रबंधन, प्रतिभागियों के समन्वय तथा कार्यक्रम की विभिन्न व्यवस्थाओं को सुनिश्चित करने में अहम योगदान दिया।
कार्यक्रम का समापन घमंडी लाल मीणा, सहायक निदेशक, एमएसएमई-डीएफओ, पटना द्वारा धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ।
