यूजीसी इक्विटी बिल 2026 के विरोध में निकाला गया जुलूस, डीएम को सौंपा गया ज्ञापन
प्रेम सिंघानिया की रिपोर्ट,
बिहारशरीफ (नालंदा)। यूजीसी इक्विटी बिल 2026 के विरोध में बुधवार को एनसीपी के जिलाध्यक्ष राजकुमार पासवान, आम जनता पार्टी इंडिया के राष्ट्रीय सचिव सम्राट रंजीत चौधरी तथा किसान प्रकोष्ठ के अध्यक्ष चंद्रशेखर प्रसाद के नेतृत्व में जुलूस निकाला गया।
जुलूस अस्पताल चौक से शुरू होकर भैंसासुर होते हुए जिलाधिकारी के समाहरणालय तक पहुंचा, जहां प्रदर्शनकारियों ने जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन के माध्यम से उच्च शिक्षा में सामाजिक न्याय, शैक्षणिक समता, समानता और वंचित वर्गों की समुचित भागीदारी सुनिश्चित करने की मांग की गई।
नेताओं ने कहा कि उच्च शिक्षण संस्थानों में सामाजिक और शैक्षणिक रूप से पिछड़े वर्गों, अतिपिछड़ा वर्ग, अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति तथा अन्य वंचित समुदायों को समान अवसर प्रदान करना संवैधानिक दायित्व है। यूजीसी इक्विटी बिल 2026 का उद्देश्य उच्च शिक्षा के क्षेत्र में पारदर्शिता, समान प्रतिनिधित्व और अवसरों की न्यायसंगत उपलब्धता सुनिश्चित करना है।
उन्होंने कहा कि शिक्षा केवल व्यक्तिगत उन्नति का माध्यम नहीं, बल्कि सामाजिक परिवर्तन का आधार भी है। यदि उच्च शिक्षा में समान भागीदारी सुनिश्चित नहीं की गई, तो सामाजिक असमानता और अधिक गहरी होती जाएगी।
प्रदर्शनकारियों ने कहा कि देश में उच्च शिक्षण संस्थानों में जातिगत भेदभाव के मामले लगातार सामने आ रहे हैं, जो चिंता का विषय है। उन्होंने मांग की कि देश के सभी विश्वविद्यालयों और महाविद्यालयों में समान अवसर की नीति को और मजबूत किया जाए।
नेताओं ने स्पष्ट किया कि यह विरोध किसी प्रकार का टकराव नहीं है, बल्कि रचनात्मक संवाद के माध्यम से सरकार का ध्यान एक महत्वपूर्ण विषय की ओर आकर्षित करने का प्रयास है।
इस जुलूस में राजकुमार पासवान, सम्राट रंजीत चौधरी, चंद्रशेखर प्रसाद, विंदा यादव, मोहन चौधरी, हरी पटेल, शांति देवी, फुलवती देवी, दुलारी देवी, रेनू देवी, मोहनी देवी, रंजीत पासवान, लखिया देवी, विजय पासवान, कामेश्वर पासवान (अधिवक्ता), महेंद्र प्रसाद, सुजीत चौहान, दीपक प्रसाद, रामउचित चौहान सहित सैकड़ों लोग शामिल हुए।
