मध्य विद्यालय ककड़िया में बाल मेला का आयोजन, बच्चों ने खेल, फूड स्टॉल और शैक्षिक गतिविधियों में लिया हिस्सा

0
IMG-20260307-WA0065

प्रेम सिंघानिया की रिपोर्ट,

नूरसराय (नालंदा)। नूरसराय प्रखंड के मध्य विद्यालय ककड़िया में शनिवार को “सीख, मनोरंजन और जीवन मूल्यों का उत्सव” थीम पर भव्य बाल मेला का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता विद्यालय के प्रधानाध्यापक जितेंद्र कुमार मेहता ने की।

कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि शिक्षक क्लब के संयोजक दिलीप कुमार, वरीय शिक्षक राकेश बिहारी शर्मा, शिक्षिका पूजा कुमारी तथा प्रधानाध्यापक जितेंद्र कुमार मेहता ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया। इस अवसर पर छात्राओं ने स्वागत गीत प्रस्तुत कर मुख्य अतिथि का स्वागत किया तथा उन्हें पुष्पगुच्छ और अंगवस्त्र देकर सम्मानित किया गया।

बाल मेले में विभिन्न प्रकार के खेल, फूड स्टॉल और शैक्षिक गतिविधियों का आयोजन किया गया। इन गतिविधियों के माध्यम से बच्चों ने खेल-खेल में टीमवर्क, निर्णय लेने की क्षमता, संचार कौशल और धन के सही उपयोग जैसे जीवनोपयोगी कौशल सीखे। फूड स्टॉल बच्चों के लिए एक लाइव लर्निंग लैब साबित हुए, जहां उन्होंने योजना बनाना, जिम्मेदारी निभाना और आत्मविश्वास के साथ कार्य करना सीखा।

अपने संबोधन में मुख्य अतिथि दिलीप कुमार ने कहा कि ऐसे आयोजन बच्चों को केवल मनोरंजन ही नहीं देते, बल्कि उन्हें जीवन के लिए तैयार करते हैं और आत्मनिर्भर बनने की प्रेरणा भी देते हैं। उन्होंने कहा कि बाल मेले का उद्देश्य बच्चों के सर्वांगीण विकास, आत्मविश्वास बढ़ाने, व्यावसायिक कौशल सिखाने और स्थानीय संस्कृति को बढ़ावा देना है। उन्होंने मेले में लगाए गए विभिन्न स्टॉलों का अवलोकन भी किया और विद्यार्थियों का उत्साहवर्धन किया।

इस अवसर पर वरीय शिक्षक राकेश बिहारी शर्मा ने कहा कि बाल मेले में बच्चों द्वारा लगाए गए खाद्य पदार्थों के स्टॉल से उन्हें व्यापार प्रबंधन और उद्यमिता की बारीकियों को समझने का अवसर मिलता है। उन्होंने कहा कि बच्चों ने घर पर बने व्यंजन और पकवानों के स्टॉल लगाकर ग्राहक और विक्रेता दोनों की भूमिका निभाई, जिससे उन्हें व्यवहारिक अनुभव मिला। उन्होंने कहा कि बाल मेला जैसे आयोजन विद्यार्थियों में स्वावलंबन, नेतृत्व और रचनात्मकता की भावना विकसित करते हैं।

वहीं शिक्षक अरविंद कुमार शुक्ला ने कहा कि विद्यालय में आयोजित बाल मेला बच्चों के लिए रचनात्मकता, उद्यमिता और मनोरंजन का अनूठा मंच है। शिक्षक मो. रिजवान अफताब ने भी इसे बच्चों के समग्र व्यक्तित्व विकास का प्रभावी माध्यम बताया। कई अभिभावकों ने भी इस आयोजन की सराहना करते हुए कहा कि इस तरह के कार्यक्रम बच्चों के शैक्षिक, सामाजिक और नैतिक विकास के लिए बेहद उपयोगी हैं।

कार्यक्रम का मंच संचालन शिक्षिका पूजा कुमारी ने किया। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजनों से बच्चों में आपसी सद्भाव और भाईचारे की भावना विकसित होती है।

बाल मेले में आंगनवाड़ी के बच्चों सहित प्राथमिक वर्ग एक से पांच तक के कुल आठ समूहों ने अपने अभिभावकों के साथ भाग लिया। मेले में बच्चों ने समोसा, लिट्टी-चोखा, गोलगप्पा, पापड़ी-चाट, गुलाब जामुन, रसगुल्ला, झाल-मुड़ी, मोमोज, ब्रेड पकौड़ा और बर्गर जैसे व्यंजनों के स्टॉल लगाए। इसके अलावा छोटे-छोटे बच्चों ने मिट्टी के खिलौने बनाकर दर्शकों को आश्चर्यचकित कर दिया।

कार्यक्रम के अंत में विभिन्न प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को पुरस्कार और प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया।

इस मौके पर राजवीर कुमार, अजय कुमार, रजनीश कुमार, मोहन कुमार, निशांत कुमार, जौशन कुमार, आदित्य कुमार, अनुकूल कुमार, अविनाश कुमार, खुशी कुमारी, नंदनी कुमारी, लवली कुमारी, स्वीटी कुमारी, जयरानी कुमारी, राधा कुमारी, चांदनी कुमारी, आरती कुमारी, बाल संसद के प्रधानमंत्री अर्जुन कुमार, शिक्षा मंत्री सोनाली कुमारी सहित कई शिक्षक, अभिभावक और गणमान्य लोग उपस्थित रहे।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *