विधानसभा में धार्मिक स्थलों की घेराबंदी पर तीखी बहस, भाजपा विधायक डॉ. सुनील कुमार ने उठाए सवाल
रानी सिंह की रिपोर्ट,
पटना। सोमवार को विधानसभा के सत्र के दौरान मंदिरों और मठों की घेराबंदी के मुद्दे पर सत्ता पक्ष के भीतर ही तीखी बहस देखने को मिली। भाजपा विधायक डॉ. सुनील कुमार ने सरकार से नीति में समानता की मांग करते हुए कई महत्वपूर्ण सवाल उठाए।
डॉ. सुनील कुमार ने कहा कि जब राज्य में कब्रिस्तानों की घेराबंदी कराई जा सकती है, तो मठ-मंदिरों की चहारदीवारी निर्माण में बाधा क्यों उत्पन्न की जा रही है। उन्होंने सवाल किया कि बिना धार्मिक न्यास परिषद में निबंधन के मठ-मंदिरों की घेराबंदी सरकारी स्तर पर क्यों नहीं कराई जा सकती। साथ ही उन्होंने मुख्यमंत्री क्षेत्र विकास योजना के तहत मठ-मंदिरों की चहारदीवारी निर्माण कराने की मांग भी रखी।
इस पर उप मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने स्पष्ट किया कि जो मठ-मंदिर धार्मिक न्यास बोर्ड में निबंधित नहीं हैं, उनकी घेराबंदी सरकारी स्तर पर संभव नहीं है।
बहस के दौरान डॉ. सुनील कुमार ने यह भी दावा किया कि बिहारशरीफ में कब्रिस्तान के नाम पर 83 डेसिमल सरकारी भूमि घेर लेने से रांची रोड बाधित हो गई है। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ स्थानों पर कब्रिस्तान की घेराबंदी के नाम पर सरकारी भूमि पर अतिक्रमण हुआ है, जिसकी जांच कर आवश्यक कार्रवाई की जानी चाहिए।
विधायक ने सदन में कहा कि संविधान सभी नागरिकों को समान अधिकार देता है, इसलिए धार्मिक स्थलों के मामले में भी सरकार की नीति समानता, पारदर्शिता और न्याय के सिद्धांतों पर आधारित होनी चाहिए। उन्होंने सभी समुदायों के धार्मिक स्थलों की सुरक्षा और संरक्षण के लिए एक समान एवं स्पष्ट नीति बनाने की मांग की, ताकि सामाजिक सौहार्द और विधि-व्यवस्था दोनों मजबूत रह सके।
