बिहार की राजनीति में नई पीढ़ी की बड़ी एंट्री, सम्राट चौधरी कैबिनेट में मंत्री बनेनिशांत कुमार
संवाददाता, पटना : बिहार की राजनीति में शुक्रवार को एक नया और ऐतिहासिक अध्याय जुड़ गया, जब पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के पुत्र निशांत कुमार ने सम्राट चौधरी मंत्रिमंडल में मंत्री पद की शपथ ग्रहण की। पटना के गांधी मैदान में आयोजित भव्य समारोह में राज्यपाल ने उन्हें पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई। समारोह के दौरान जेडीयू नेताओं, कार्यकर्ताओं और समर्थकों की भारी भीड़ मौजूद रही।
राजनीतिक गलियारों में हाल ही में सक्रिय हुए निशांत कुमार का इतनी जल्दी सरकार के मुख्य ढांचे में शामिल होना बिहार की राजनीति में बड़े बदलाव का संकेत माना जा रहा है। राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि जेडीयू अब नेतृत्व की नई पीढ़ी को आगे बढ़ाने की दिशा में कदम बढ़ा चुकी है।
गौरतलब है कि निशांत कुमार वर्तमान में बिहार विधानमंडल के किसी भी सदन के सदस्य नहीं हैं। वे न तो विधानसभा के सदस्य हैं और न ही विधान परिषद के। संवैधानिक प्रावधानों के अनुसार उन्हें मंत्री पद पर बने रहने के लिए अगले छह महीने के भीतर किसी एक सदन की सदस्यता हासिल करनी होगी। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि पार्टी उन्हें जल्द ही विधान परिषद के माध्यम से सदन में भेज सकती है।
निशांत कुमार ने इसी वर्ष 8 मार्च को जनता दल यूनाइटेड (जेडीयू) की प्राथमिक सदस्यता लेकर सक्रिय राजनीति में प्रवेश किया था। अब तक सार्वजनिक जीवन से दूर रहने वाले निशांत ने राजनीति में आने के बाद कहा था कि वे अपने पिता नीतीश कुमार के विकास कार्यों और विचारों को आगे बढ़ाने के उद्देश्य से राजनीति में आए हैं।
सॉफ्टवेयर इंजीनियरिंग की पढ़ाई कर चुके 45 वर्षीय निशांत कुमार अपनी सादगी और आध्यात्मिक जीवनशैली के लिए भी जाने जाते हैं। मंत्री पद की शपथ लेने के बाद समर्थकों में खासा उत्साह देखा गया। गांधी मैदान के बाहर जेडीयू कार्यकर्ताओं ने मिठाइयां बांटकर खुशी का इजहार किया।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि निशांत कुमार की सक्रिय राजनीति और मंत्री पद तक पहुंच जेडीयू के भविष्य की राजनीति में नई दिशा तय कर सकती है। इसे पार्टी के भीतर नेतृत्व परिवर्तन और नई पीढ़ी को तैयार करने की रणनीति के रूप में भी देखा जा रहा है।
