15 जुलाई को बीपीएससी अभियोजन पदाधिकारी प्रारंभिक परीक्षा, नालंदा में 12 केंद्रों पर 6,744 अभ्यर्थी होंगे शामिल
बिहारशरीफ (नालंदा) । बिहार लोक सेवा आयोग (बीपीएससी) द्वारा आयोजित अभियोजन पदाधिकारी (Assistant Prosecution Officer) प्रारंभिक प्रतियोगिता परीक्षा के सफल, निष्पक्ष एवं कदाचारमुक्त संचालन को लेकर सोमवार को समाहरणालय में उप विकास आयुक्त रंजन कुमार चौधरी की अध्यक्षता में केंद्राधीक्षकों, दंडाधिकारियों एवं पुलिस पदाधिकारियों की संयुक्त ब्रीफिंग आयोजित की गई।
बैठक को संबोधित करते हुए उप विकास आयुक्त ने सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि परीक्षा का आयोजन पूरी पारदर्शिता, निष्पक्षता एवं कदाचारमुक्त वातावरण में हर हाल में सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि आयोग द्वारा जारी सभी दिशा-निर्देशों का अक्षरशः पालन किया जाए और किसी भी स्तर पर लापरवाही नहीं बरती जाए।
बीपीएससी द्वारा अभियोजन पदाधिकारी प्रारंभिक प्रतियोगिता परीक्षा का आयोजन 15 जुलाई 2026 (बुधवार) को दो पालियों में किया जाएगा। पहली पाली सुबह 10:00 बजे से दोपहर 12:00 बजे तक तथा दूसरी पाली दोपहर 2:30 बजे से शाम 4:30 बजे तक होगी।
नालंदा जिला मुख्यालय बिहारशरीफ में परीक्षा के लिए 12 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं। इन केंद्रों पर कुल 6,744 अभ्यर्थी परीक्षा में शामिल होंगे।
परीक्षा के शांतिपूर्ण संचालन के लिए प्रत्येक परीक्षा केंद्र पर एक केंद्र प्रेक्षक (ऑब्जर्वर), दो स्टैटिक दंडाधिकारी तथा पुलिस पदाधिकारी की प्रतिनियुक्ति की गई है। इसके अतिरिक्त 24 स्टैटिक दंडाधिकारी, 6 जोनल दंडाधिकारी-सह-गश्ती दल तथा 3 वरीय पदाधिकारियों को उड़नदस्ता दंडाधिकारी के रूप में तैनात किया गया है, जो परीक्षा अवधि के दौरान विभिन्न केंद्रों का लगातार निरीक्षण करेंगे।
उप विकास आयुक्त ने बताया कि परीक्षार्थियों को प्रत्येक पाली की परीक्षा शुरू होने से एक घंटे पूर्व तक ही परीक्षा केंद्र में प्रवेश की अनुमति होगी। निर्धारित समय के बाद किसी भी अभ्यर्थी को प्रवेश नहीं दिया जाएगा।
उन्होंने स्पष्ट किया कि परीक्षा कक्ष में मोबाइल फोन, स्मार्ट वॉच, ब्लूटूथ डिवाइस, कैलकुलेटर अथवा किसी भी प्रकार के इलेक्ट्रॉनिक उपकरण के साथ प्रवेश पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा।
परीक्षा के सफल संचालन के लिए जिला स्तर पर नियंत्रण कक्ष स्थापित किया गया है। नियंत्रण कक्ष का टोल-फ्री नंबर 18003456323 जारी किया गया है। जिला कार्यक्रम पदाधिकारी (शिक्षा) को नियंत्रण कक्ष का वरीय प्रभारी बनाया गया है तथा वहां सुरक्षित दंडाधिकारी की भी प्रतिनियुक्ति की गई है।
सभी स्टैटिक दंडाधिकारी, प्रेक्षक, पुलिस पदाधिकारी एवं पुलिस बल को परीक्षा प्रारंभ होने से तीन घंटे पूर्व, यानी सुबह 7:00 बजे तक अपने-अपने प्रतिनियुक्ति स्थल पर अनिवार्य रूप से उपस्थित रहने का निर्देश दिया गया है।
जिले के सभी परीक्षा केंद्रों को छह जोन में विभाजित किया गया है तथा प्रत्येक जोन के लिए अलग-अलग जोनल मजिस्ट्रेट (गश्ती दल दंडाधिकारी) की प्रतिनियुक्ति की गई है।
प्रशासन ने परीक्षा के दौरान सभी केंद्रों पर सतत वीडियोग्राफी कराने का निर्णय लिया है। साथ ही परीक्षा अवधि में प्रत्येक परीक्षा केंद्र के 500 गज की परिधि में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) की धारा 163 के तहत निषेधाज्ञा लागू रहेगी।
यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के लिए बिहारशरीफ शहर में अलग से दंडाधिकारियों एवं पुलिस पदाधिकारियों की तैनाती की गई है।
बैठक में जिला शिक्षा पदाधिकारी, सभी केंद्राधीक्षक, दंडाधिकारी, पुलिस पदाधिकारी तथा अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।
