दुष्कर्म से आहत छात्रा की आत्महत्या मामले में परिजनों से मिले पप्पू यादव, दी आर्थिक सहायता
नालंदा जिले के नालन्दा थाना क्षेत्र स्थित एक गांव में 10 अप्रैल को दुष्कर्म से आहत होकर आत्महत्या करने वाली छात्रा के परिजनों से मिलने गुरुवार को पूर्णिया के निर्दलीय सांसद पप्पू यादव पहुंचे। इस दौरान वे पीड़ित परिवार से मुलाकात कर भावुक नजर आए और दुख की इस घड़ी में उन्हें ढांढस बंधाया। साथ ही उन्होंने 25 हजार रुपये की आर्थिक सहायता भी प्रदान की।
मीडिया से बातचीत में सांसद ने प्रशासनिक व्यवस्था और राजनीतिक तंत्र पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि जिस क्षेत्र से मुख्यमंत्री आते हैं, वहीं की एक बेटी को अब तक न्याय नहीं मिल पाया है। उन्होंने आरोप लगाया कि आरोपी खुलेआम घूम रहा है और उसे राजनीतिक संरक्षण प्राप्त है।
सांसद ने समाज से अपील करते हुए कहा कि ऐसे अपराधियों का सामाजिक बहिष्कार किया जाना चाहिए, अन्यथा भविष्य में बेटियों का घर से निकलना मुश्किल हो जाएगा।

महिला सुरक्षा के मुद्दे पर अपनी बात रखते हुए उन्होंने राजनीति में व्याप्त गंदगी पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि उनका संघर्ष उन नेताओं के खिलाफ है, जो महिलाओं पर गलत नजर रखते हैं। उन्होंने यह भी दावा किया कि कई बड़े नेताओं और जनप्रतिनिधियों से जुड़े यौन उत्पीड़न के साक्ष्य मौजूद हैं, लेकिन उन पर कार्रवाई नहीं होती।
पप्पू यादव ने स्पष्ट किया कि उनके बयानों को तोड़-मरोड़ कर पेश किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि वे हमेशा महिलाओं के सम्मान के लिए खड़े रहे हैं। यदि उनके किसी बयान से राजनीति में सक्रिय महिलाओं को ठेस पहुंची है, तो वे उनसे क्षमा मांगते हैं, लेकिन उन लोगों से नहीं जो बेटियों का शोषण करते हैं।
सांसद ने नीट परीक्षा विवाद और देश के विभिन्न हिस्सों में महिलाओं के खिलाफ हुई घटनाओं का जिक्र करते हुए व्यवस्था पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि पीड़िता को न्याय दिलाने के लिए वे जरूरत पड़ने पर अदालत का दरवाजा खटखटाएंगे और संसद सत्र में भी इस मुद्दे को मजबूती से उठाएंगे।
उन्होंने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी से अपील करते हुए कहा कि इस मामले को गंभीरता से लें और प्रदेश की बेटी मानकर पीड़ित परिवार को न्याय दिलाएं। अंत में उन्होंने दोहराया कि बेटियों की सुरक्षा के मुद्दे पर वे पीछे नहीं हटेंगे और आखिरी दम तक संघर्ष जारी रखेंगे।
