आर्म्स एक्ट मामले में दोषी को 5 वर्ष की सजा, बिहारशरीफ अदालत का फैसला
प्रेम सिंघानिया की रिपोर्ट,
बिहारशरीफ (नालंदा)। नालंदा पुलिस द्वारा दर्ज बिहार थाना कांड संख्या 218/07 से संबंधित आर्म्स एक्ट मामले में अदालत ने महत्वपूर्ण फैसला सुनाया है। मामले की सुनवाई के बाद न्यायालय ने अभियुक्त को दोषी करार देते हुए कारावास और जुर्माने की सजा सुनाई।
मामले में अभियुक्त शत्रुघन प्रसाद, पिता स्वर्गीय छेदी राम, निवासी अलीनगर, थाना बिहार, जिला नालंदा के खिलाफ आर्म्स एक्ट की विभिन्न धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज था। शनिवार, 7 मार्च 2026 को एडीजे-11 न्यायालय बिहारशरीफ ने मामले में सुनवाई पूरी करते हुए अभियुक्त को दोषी पाया।
अदालत ने आर्म्स एक्ट की धारा 25(1-बी) ए के तहत अभियुक्त को 3 वर्ष के कारावास तथा 5,000 रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई है। अर्थदंड नहीं भरने की स्थिति में अभियुक्त को 6 माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।
इसके अतिरिक्त आर्म्स एक्ट 1959 की धारा 26(2) के तहत भी अदालत ने अभियुक्त को दोषी ठहराते हुए 5 वर्ष के कारावास और 5,000 रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई है। जुर्माना नहीं देने पर 6 माह का अतिरिक्त कारावास भुगतने का प्रावधान किया गया है।
पुलिस के अनुसार मामले की सुनवाई के दौरान नालंदा पुलिस द्वारा प्रस्तुत साक्ष्यों, गवाहों के बयान और संबंधित प्रदर्शों को समय पर न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया गया। इन्हीं साक्ष्यों के आधार पर अदालत ने अभियुक्त को दोषी करार देते हुए सजा सुनाई।
