होली पर्व पर नालंदा प्रशासन सख्त: कुंदन कुमार और भारत सोनी की संयुक्त बैठक में ड्रोन निगरानी, डीजे पर प्रतिबंध और 24 घंटे अलर्ट रहने के निर्देश
शंकर कुमार
नालंदा। होली पर्व को शांतिपूर्ण एवं सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न कराने को लेकर शनिवार को जिला प्रशासन ने व्यापक तैयारी की समीक्षा की। जिलाधिकारी कुंदन कुमार एवं पुलिस अधीक्षक भारत सोनी की संयुक्त अध्यक्षता में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जिला, अनुमंडल एवं प्रखंड स्तरीय पदाधिकारियों के साथ बैठक आयोजित की गई।
बैठक में होली पर्व के दौरान शांति एवं कानून-व्यवस्था बनाए रखने हेतु प्रशासनिक एवं सुरक्षा तैयारियों की विस्तृत समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने जिलेवासियों से अपील की कि वे होली का पर्व हर्षोल्लास, आपसी भाईचारे और सौहार्दपूर्ण वातावरण में मनाएं।
समीक्षा के दौरान निर्देश दिया गया कि राज्य सरकार के निर्देशानुसार होली के अवसर पर सभी प्रकार की छुट्टियां रद्द रहेंगी। प्रतिनियुक्त दंडाधिकारी एवं पुलिस पदाधिकारी अपने-अपने प्रतिनियुक्ति स्थल पर उपस्थित रहकर कर्तव्यों का निर्वहन सुनिश्चित करेंगे। नगर एवं ग्रामीण क्षेत्रों में चिन्हित होलिका दहन स्थलों का भौतिक सत्यापन अनिवार्य रूप से कराया जाएगा।
मटका फोड़, होलिका दहन एवं झूमटा पर्व के आयोजन हेतु शत-प्रतिशत लाइसेंस निर्गत करने तथा संबंधित स्थलों पर दंडाधिकारी एवं पुलिस बल की प्रतिनियुक्ति सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया। होलिका दहन के दौरान अगीजा की ऊंचाई नियंत्रित रखने, विद्युत तारों से सुरक्षा सुनिश्चित करने एवं संभावित विद्युत बाधित होने की सूचना आमजन तक पहुंचाने पर विशेष बल दिया गया।
सभी अनुमंडल पदाधिकारियों को परंपरागत मटका फोड़ स्थलों पर भीड़ नियंत्रण, कार्यक्रम के बाद सड़कों की साफ-सफाई, अवैध शराब एवं नशीले पदार्थों के विरुद्ध लगातार छापेमारी, रोको-टोको अभियान, वाहन जांच, रात्रि गश्ती एवं पेट्रोलिंग तेज करने के निर्देश दिए गए।
सोशल मीडिया पर अफवाह फैलाने वालों की पहचान कर कड़ी कार्रवाई करने, संवेदनशील एवं अति-संवेदनशील क्षेत्रों में ड्रोन से निगरानी, जुलूसों की अनिवार्य वीडियोग्राफी, सीसीटीवी कैमरों को क्रियाशील रखने तथा किसी भी छोटी घटना की सूचना तत्काल वरीय पदाधिकारियों को देने का निर्देश दिया गया। विवादित स्थल, स्ट्रीट लाइट, ट्रांसफार्मर, स्लम एरिया या झुग्गी-झोपड़ी के समीप होलिका दहन की अनुमति नहीं देने तथा थाना स्तर पर अग्निशमन दस्ता एवं पानी टैंकर को अलर्ट मोड में रखने को कहा गया।
शराबबंदी को प्रभावी बनाने हेतु स्प्रिट सप्लाई पर रोक, थोक होम्योपैथी दवाखानों, पेंट-वार्निश दुकानों एवं इथेनॉल प्लांट पर नियंत्रण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। हुड़दंगियों, ट्रिपल राइडिंग, लहरिया बाइकिंग, धार्मिक उन्माद फैलाने वाले तत्वों तथा सोशल मीडिया ग्रुप पर भड़काऊ पोस्ट करने वालों पर विशेष नजर रखने को कहा गया। शांति समिति की बैठक, फ्लैग मार्च, यातायात व्यवस्था सुदृढ़ रखने एवं साफ-सफाई पर विशेष ध्यान देने का निर्देश दिया गया।
पुलिस अधीक्षक ने मिश्रित आबादी वाले क्षेत्रों में विशेष चौकसी, बाहरी व्यक्तियों की निगरानी, जहरीली शराब की घटनाओं से बचाव, महिलाओं एवं बच्चियों से छेड़छाड़ करने वालों पर कड़ी कार्रवाई तथा धार्मिक स्थलों—मस्जिद, मदरसा, कब्रिस्तान आदि—पर विशेष सतर्कता बरतने का निर्देश दिया। उन्होंने डीजे पर पूर्ण प्रतिबंध एवं अश्लील गीतों पर रोक लगाने तथा उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई करने की बात कही।
बैठक में उप विकास आयुक्त, नगर आयुक्त, अपर समाहर्ता, उत्पाद अधीक्षक, जिला परिवहन पदाधिकारी, पुलिस उपाधीक्षक, सभी अनुमंडल पदाधिकारी, अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी, जिला खनन एवं भूतत्व पदाधिकारी, कार्यपालक पदाधिकारी, प्रखंड विकास पदाधिकारी, अंचलाधिकारी एवं सभी थानाध्यक्ष वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़े रहे।
