10 फरवरी से जिले में फाइलेरिया उन्मूलन अभियान शुरू, घर-घर जाकर खिलाई जाएगी दवा, डीएम कुंदन कुमार की अध्यक्षता में एमडीए कार्यक्रम की समीक्षा बैठक
बिहारशरीफ (नालंदा)। जिला पदाधिकारी कुंदन कुमार की अध्यक्षता में फाइलेरिया उन्मूलन कार्यक्रम के तहत 10 फरवरी 2026 से प्रारंभ होने वाले एमडीए (मास ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन) अभियान की सफलता को लेकर संबंधित विभागों के अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में अभियान को प्रभावी ढंग से संचालित करने के लिए विस्तृत रणनीति पर चर्चा की गई।
फाइलेरिया उन्मूलन कार्यक्रम के अंतर्गत 10 फरवरी से नालंदा जिले के 11 प्रखंडों — बिहारशरीफ शहरी क्षेत्र, बिंद, चंडी, एकंगरसराय, इस्लामपुर, नूरसराय, परवलपुर, रहुई, सरमेरा, सिलाव एवं थरथरी — में एमडीए अभियान चलाया जाएगा।
अभियान के तहत 10 से 24 फरवरी तक 14 दिनों तक घर-घर जाकर दवा खिलाई जाएगी। वहीं 25 से 27 फरवरी तक स्कूल, कार्यालय, रेलवे स्टेशन, अस्पताल, बस स्टैंड आदि सार्वजनिक स्थलों पर बूथ कैंप लगाए जाएंगे। 11 फरवरी से आंगनबाड़ी केंद्रों पर मेगा कैंप भी आयोजित किए जाएंगे।
बैठक में बताया गया कि फाइलेरिया, जिसे आम भाषा में हाथीपांव कहा जाता है, मच्छर के काटने से फैलने वाली गंभीर बीमारी है। यह शरीर के हाथ, पैर, स्तन और अंडकोष (हाइड्रोसिल) को प्रभावित कर स्थायी दिव्यांगता का कारण बन सकती है। इस बीमारी की पहचान में 5 से 15 वर्ष तक लग सकते हैं। इससे बचाव के लिए साल में एक बार फाइलेरिया रोधी दवा (डीईसी एवं एल्बेंडाजोल) का सेवन आवश्यक है।
दो वर्ष से कम उम्र के बच्चों, गर्भवती महिलाओं और गंभीर रूप से बीमार व्यक्तियों को छोड़कर सभी को यह दवा भरपेट भोजन के बाद लेनी होगी। आशा और एएनएम कार्यकर्ता घर-घर जाकर दवा खिलाएंगी। दवा सेवन के बाद हल्का सिरदर्द, बुखार, उल्टी या चक्कर जैसे लक्षण आ सकते हैं, जो सामान्य हैं।
डीएम ने सिविल सर्जन को निर्देश दिया कि प्रतिकूल प्रभाव की स्थिति में एंबुलेंस एवं अस्पतालों में त्वरित उपचार की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।
अभियान को सफल बनाने के लिए विभिन्न विभागों का सहयोग लिया जाएगा। बाल विकास परियोजना, शिक्षा विभाग, पंचायती राज, जीविका, नगर निकाय, एनसीसी, एनएसएस, नेहरू युवा केंद्र (एनवाईके) सहित अन्य संस्थाएं जागरूकता अभियान चलाएंगी। महादलित विकास मिशन के विकास मित्र, पीडीएस डीलर, एनसीसी और स्वयंसेवी संगठन लोगों को दवा सेवन के लिए प्रेरित करेंगे।
डीएम ने स्पष्ट निर्देश दिया कि जिले के हर व्यक्ति तक दवा पहुंचाना सुनिश्चित किया जाए और कोई भी लाभार्थी वंचित न रहे। ग्राउंड लेवल पर विशेष मॉनिटरिंग की जाएगी।
बैठक में नगर आयुक्त, उप विकास आयुक्त, सिविल सर्जन, जिला कार्यक्रम प्रबंधक (स्वास्थ्य समिति), जिला वेक्टर जनित रोग नियंत्रण पदाधिकारी, पिरामल फाउंडेशन, लेपरा, सिफार, डब्ल्यूएचओ सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।
