गोनावां में निर्माणाधीन पावर सब-स्टेशन का काम महीनों से ठप, ग्रामीणों में नाराजगी

0
IMG-20260428-WA0032

हरनौत (नालंदा), संवाददाता।
हरनौत प्रखंड के गोनावां पंचायत स्थित पंचायत सरकार भवन के समीप बन रहे पावर सब-स्टेशन (पीएसएस) का निर्माण कार्य पिछले कई महीनों से ठप पड़ा है। निर्माण में हो रही देरी को लेकर स्थानीय ग्रामीणों में आक्रोश बढ़ता जा रहा है और उन्होंने संबंधित विभाग से जल्द कार्य शुरू कराने की मांग की है।

ग्रामीणों का कहना है कि इस महत्वाकांक्षी परियोजना के तहत पेड़-पौधों की सफाई, बोरिंग और सीमांकन जैसे प्रारंभिक कार्य महीनों पहले ही कर लिए गए थे, लेकिन इसके बाद काम को अधूरा छोड़ दिया गया। वर्तमान स्थिति यह है कि केवल बोरिंग कर उसे खुला छोड़ दिया गया है, जिससे दुर्घटना की आशंका बनी रहती है। निर्माण स्थल पर भूसा की खरीद-बिक्री होने से भी लोगों में नाराजगी है और वे इसे लापरवाही का उदाहरण बता रहे हैं।

babycare 1

ग्रामीणों ने बताया कि इस परियोजना से क्षेत्र की बिजली व्यवस्था में बड़ा सुधार होना है, लेकिन कार्य में लगातार हो रही देरी से लोगों को लाभ नहीं मिल पा रहा है। उन्होंने जिम्मेदार अधिकारियों से शीघ्र निर्माण कार्य में तेजी लाने और स्थल की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है।

वहीं, हरनौत बिजली आपूर्ति प्रशाखा के कनीय अभियंता मनीष कुमार ने बताया कि मिट्टी जांच और सीमांकन के बाद अब जेसीबी से जमीन समतलीकरण का कार्य कराया जा रहा है। उन्होंने कहा कि निर्माण एजेंसी को हर हाल में नौ महीने के भीतर कार्य पूरा करने का अल्टीमेटम दिया गया है।

करीब नौ करोड़ रुपये की लागत से बन रहा यह पीएसएस प्रखंड का छठा पावर सब-स्टेशन होगा। इसकी क्षमता 20 एमवीए होगी, जिसमें 10-10 एमवीए के दो ट्रांसफार्मर लगाए जाएंगे। इसके चालू होने के बाद चेरन पीएसएस पर पड़ने वाला लोड कम होगा और पूर्वी क्षेत्र के गांवों को निर्बाध बिजली आपूर्ति मिल सकेगी।

बताया गया कि इस नए पीएसएस को रिंग सिस्टम से जोड़ा जाएगा, जिससे इसे दो अलग-अलग स्रोतों से बिजली मिलेगी। यदि एक लाइन में खराबी आती है, तो दूसरी लाइन से तुरंत आपूर्ति बहाल की जा सकेगी।

फिलहाल हरनौत बिजली आपूर्ति प्रशाखा के अंतर्गत करीब 50 हजार उपभोक्ता हैं। इनमें पूर्वी क्षेत्र के कई गांव चेरन पीएसएस पर निर्भर हैं, जहां गर्मी के दिनों में ओवरलोडिंग के कारण ट्रिपिंग और लो-वोल्टेज की समस्या बनी रहती है।

1001408113

नए पीएसएस के शुरू होने के बाद गोनावां, बसनियावां, गोखुलपुर समेत पांच फीडरों के माध्यम से क्षेत्र में बेहतर बिजली आपूर्ति सुनिश्चित की जाएगी। इसके तहत 63 केवी के 100 से अधिक ट्रांसफार्मरों के जरिए स्कूलों, खेत-खलिहानों, व्यवसायिक प्रतिष्ठानों और सरकारी कार्यालयों तक बिजली पहुंचाई जाएगी।

गोनावां पंचायत के मुखिया अमरेश उपाध्याय ने बताया कि इस पीएसएस की मांग को लेकर क्षेत्र के कई लोग पटना जाकर पूर्व मुख्यमंत्री सह सांसद नीतीश कुमार से भी मिले थे। उन्होंने कहा कि यह परियोजना पूरी होने पर गोनावां, छतियाना समेत आसपास के गांवों के लोगों को काफी राहत मिलेगी।

About The Author

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *