बिजली विभाग की मनमानी के खिलाफ गिरियक में एकदिवसीय धरना, रिश्वतखोरी के ऑडियो ने बढ़ाई हलचल

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गिरियक (नालंदा) : गिरियक प्रखंड के प्रांगण में समाजसेवियों और नेताओं ने बिजली विभाग और अधिकारियों के खिलाफ एकदिवसीय धरना प्रदर्शन किया। यह धरना प्रखंड विकास पदाधिकारी कार्यालय के सामने आयोजित किया गया।

मामला गिरियक क्षेत्र के पुरैनी पंचायत के जलालपुर गांव का है। 31 जुलाई 2025 को बिजली विभाग के कर्मियों द्वारा बृजनंदन पासवान और सुनील कुमार के घर पर छापेमारी की गई थी। रैतर पावर के जेईई गौतम वत्स, संतोष कुमार, रवि चौधरी और अंशु कुमार द्वारा यह कार्रवाई की गई थी। इस दौरान मेन तार लाइन में बाईपास का मामला सामने आया था।

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1 अगस्त 2025 को रैतर पावर हाउस के जेईई गौतम वत्स द्वारा थाने में एफआईआर दर्ज कराई गई। बृजनंदन पासवान पर लगभग 91,577 रुपये और सुनील कुमार पर 54,923 रुपये का जुर्माना लगाया गया।

पीड़ित बृजनंदन पासवान और सुनील कुमार ने एक ऑडियो वायरल किया था और आरोप लगाया है कि रवि चौधरी, भोला मिस्त्री और नरेश कुमार द्वारा 30,000 रुपये में मामला मैनेज करने की बात कर रहे थे। पैसा नहीं देने पर उनके विरुद्ध गिरियक थाना में एफआईआर दर्ज की गई।

पीड़ितों का कहना है कि अगर वे पैसे देकर मामला मैनेज कर लेते तो उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज नहीं होती। इसी तरह का एक अन्य मामला सोहनलाल (ग्राम घोराही, थाना गिरियक) का भी है, जिन पर भी जुर्माना लगाया गया और मामला दर्ज कराया गया।

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प्रखंड के समाजसेवी लोगों में कांग्रेस के पूर्व प्रदेश सचिव अनिल पाल, राजद युवा प्रखंड अध्यक्ष सुधीर यादव, प्रधान महासचिव यशवंत राज, कांग्रेस नेता राजेंद्र चौधरी, सुभाष कुमार, कृष्णकांत प्रसाद, सुनील पासवान, बृजनंदन पासवान, नागमणि सिंह और रिटायर्ड डॉ. जगदीश प्रसाद शामिल थे।

इन लोगों ने चेतावनी दी है कि अगर प्रखंड विकास पदाधिकारी और उच्च अधिकारी बिजली विभाग के कर्मियों पर कार्रवाई नहीं करते हैं, तो वे राजगीर अनुमंडल और बिहार शरीफ जिलाधिकारी के समक्ष धरना प्रदर्शन करेंगे और कार्रवाई की मांग करेंगे।

वहीं, बिजली विभाग रैतर के जूनियर इंजीनियर गौतम वत्स ने कहा कि मामले की जानकारी मिलते ही विभाग द्वारा जांच शुरू कर दी गई है। किसी भी स्तर पर अगर कोई कर्मचारी या व्यक्ति दोषी पाया जाता है, तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। हमारा उद्देश्य है कि बिजली आपूर्ति व्यवस्था पारदर्शी और नियमों के अनुरूप संचालित हो। किसी भी प्रकार की गड़बड़ी या भ्रष्टाचार को विभाग बिल्कुल बर्दाश्त नहीं करेगा।

उन्होंने यह भी कहा कि विभाग सभी आरोपों की गंभीरता से जांच कर रहा है और अगर किसी कर्मी की संलिप्तता पाई जाती है, तो नियमानुसार कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

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