ग्रामीण मेडिकल प्रैक्टिशनरों की बैठक सह होली मिलन समारोह आयोजित, स्वास्थ्य मंत्री के बयान पर जताई आपत्ति
बिहार शरीफ, नालंदा। ग्रामीण मेडिकल प्रैक्टिशनरों (आरएमपी) की आवश्यक बैठक सह होली मिलन समारोह का आयोजन संघ कार्यालय बिहार शरीफ में किया गया। कार्यक्रम में नालंदा के अलावा नवादा, गया, पटना सहित अन्य जिलों से बड़ी संख्या में आरएमपी सदस्य शामिल हुए।
समारोह की अध्यक्षता संघ के महासचिव डॉ. विपिन कुमार सिंह ने की। बैठक को संबोधित करते हुए उन्होंने राज्य के स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडे द्वारा विधानसभा में आरएमपी के संबंध में दिए गए बयान पर आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि मंत्री द्वारा यह कहना कि आरएमपी को चिकित्सा करने का कोई अधिकार नहीं है, लाखों ग्रामीण मेडिकल प्रैक्टिशनरों की भावनाओं को आहत करता है।

उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि 10 सितंबर 2024 को स्वास्थ्य मंत्री ने समाचार पत्रों के माध्यम से आरएमपी के कार्यों की सराहना की थी और ग्रामीण क्षेत्रों में उन्हें “चिकित्सा मित्र” के रूप में भूमिका देने की पहल की बात कही थी। ऐसे में हालिया बयान से बिहार के लाखों आरएमपी स्वयं को अपमानित महसूस कर रहे हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि बयान वापस नहीं लिया गया तो होलिका दहन के अवसर पर स्वास्थ्य मंत्री का पुतला दहन किया जाएगा।
बैठक में उपस्थित सदस्यों ने कहा कि कोरोना काल के दौरान जब सरकारी और निजी अस्पतालों में मरीजों के साथ दूरी बना ली गई थी, तब आरएमपी ने घर-घर जाकर प्राथमिक उपचार कर लाखों लोगों की जान बचाई थी। इस कार्य की सराहना स्वयं मुख्यमंत्री द्वारा भी की जा चुकी है।
बैठक के दौरान सरकार द्वारा एनआईओएस के माध्यम से 36,000 आरएमपी को प्रशिक्षित करने की पहल का स्वागत करते हुए सदस्यों ने इसे सकारात्मक कदम बताया।
कार्यक्रम के अंत में सभी सदस्यों ने एक-दूसरे को रंग-अबीर लगाकर होली की शुभकामनाएं दीं।
इस अवसर पर संघ के सचिव डॉ. संजय कुमार, अध्यक्ष डॉ. अनिल कुमार, उपाध्यक्ष डॉ. किशोरी प्रसाद, डॉ. भोला प्रसाद, डॉ. नवीन कुमार, डॉ. कुंदन कुमार, डॉ. देवेंद्र कुमार, निसार अहमद, डॉ. जिया उल हक, बिहारशरीफ के फिजिशियन डॉ. विरमानी कुमार, संघ के संरक्षक तथा चेंबर ऑफ कॉमर्स नालंदा के अध्यक्ष अनिल कुमार अकेला समेत सैकड़ों आरएमपी सदस्य उपस्थित थे।
