लोक शिकायत निवारण को लेकर 14 मामलों की हुई सुनवाई, कई शिकायतों का किया गया निष्पादन
अतिक्रमण, आंगनबाड़ी केंद्र, पाइपलाइन लीकेज और जमीन विवाद सहित विभिन्न मामलों पर हुई सुनवाई
बिहारशरीफ (नालंदा)। आम नागरिकों की शिकायतों के त्वरित, पारदर्शी एवं गुणवत्तापूर्ण निवारण को लेकर जिला प्रशासन लगातार प्रयासरत है। इसी कड़ी में जिलाधिकारी, नालंदा के निर्देशानुसार शुक्रवार, 6 नवंबर 2026 को अपर समाहर्ता (विभागीय जांच), नालंदा द्वारा बिहार लोक शिकायत निवारण अधिकार अधिनियम के तहत प्राप्त कुल 14 मामलों की सुनवाई की गई।
सुनवाई का मुख्य उद्देश्य आम नागरिकों की समस्याओं का समयबद्ध एवं प्रभावी समाधान सुनिश्चित करना तथा शिकायतकर्ताओं को पारदर्शी प्रशासनिक व्यवस्था उपलब्ध कराना था।
सुनवाई के दौरान आंगनबाड़ी केंद्र खोलने, सार्वजनिक कार्यों के निष्पादन में हुई अनियमितताओं एवं अतिक्रमण से संबंधित मामलों पर विचार-विमर्श किया गया। इन मामलों में आवश्यक कार्रवाई करते हुए उनका निष्पादन किया गया।
वहीं, पाइपलाइन लीकेज, विद्यालय की भूमि की घेराबंदी कराने, वाद लंबित रहने के बावजूद संपत्ति होल्डिंग संख्या-62, वार्ड संख्या-38 में किए गए म्यूटेशन में त्रुटि सुधार तथा पूर्व में की गई जांच की प्रमाणित प्रति उपलब्ध कराने से संबंधित मामलों की भी सुनवाई हुई।
इसके अतिरिक्त राशि की धोखाधड़ी, अतिक्रमण मुक्त कराने, राजगीर नगर परिषद द्वारा रैयती भूमि पर नाला निर्माण किए जाने तथा देवस्थान की भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराने से संबंधित शिकायतों पर भी विचार किया गया। इन मामलों में सुनवाई की अगली तिथि निर्धारित करते हुए संबंधित मामलों को आवश्यक कार्रवाई के लिए अग्रसारित किया गया।
जिला प्रशासन की ओर से बताया गया कि आम नागरिकों की शिकायतों के प्रभावी एवं समयबद्ध निवारण के लिए नियमित रूप से लोक शिकायतों की सुनवाई की जा रही है। इसका उद्देश्य लोगों को अपनी समस्याओं के समाधान के लिए सुलभ, पारदर्शी एवं जवाबदेह प्रशासनिक व्यवस्था उपलब्ध कराना है।
