2047 तक विकसीत हो जायेगा भारत : किरेन रिजिजू, प्राचीन काल से ही ज्ञान की धरती रही है नालंदा, नालंदा विश्वविद्यालय में विभिन्न देशों के पढ़ रहे छात्र
अनुमंडल संवाददाता, राजगीर।
राजीव लोचन की रिपोर्ट…
राजगीर(नालंदा)। नालंदा विश्वविद्यालय में गुरुवार को अल्पसंख्यक कार्य मंत्रालय की ओर से आयोजित दो दिवसीय चिंतन शिविर में भाग लेते हुए केन्द्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि 2047 तक भारत विकसित हो जायेगा। इसको लेकर ही यह कार्यक्रम आयोजित की गयी है। नालंदा विश्वविद्यालय को दोबारा से जीवित किया गया है। यहां पर विश्व के विभिन्न देशों के छात्र पढ़ने को आते हैं। हमारी संस्कृति से परिचित होते हैं। नालंदा पुराने समय से ही ज्ञान की धरती रही है। पूरे विश्व में यहां से ज्ञान की रोशनी फैलती थी। विकसीत भारत के लिए ही यहां भाग्यदोय की थीम पर दो दिवसीय चिंतन शिविर का आयोजन किया गया है। इसमें सामाजिक, आर्थिक विकास, बुनियादी ढांचा, कौशल विकास, तीर्थ यात्रा, प्रबंधन और छात्रवृत्ति सहयोग जैसे प्रमुख विषयों पर चर्चा की गई है। विषयवार वीडियो प्रेजेंटेशन के जरिय विचार विमर्श समूह की घोषणा की जायेगी। केन्द्रीय मंत्री जॉर्ज कुरियन ने भी कार्यक्रम को संबोधित किया। दो दिवसीय कार्यक्रम अल्पसंख्यक समुदायों के सामाजिक-आर्थिक सशक्तिकरण और कल्याणकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन पर चर्चा हुई।

शिविर में मुख्य रूप से पांच बिंदुओं पर रणनीति तैयार की गई है। इनमें अवसंरचना विकास (प्रधानमंत्री जन विकास कार्यक्रम), सामाजिक-आर्थिक सशक्तिकरण(पीएम विकास और एनएमडीएफसी), वक्फ प्रबंधन और हज प्रबंधन शामिल है। अधिकारियों ने इन योजनाओं के क्रियान्वयन में आ रही बाधाओं और उनके समाधान के बारे में भी बताया।

केन्द्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने किया ग्लास स्काई वॉक का भ्रमण :
केन्द्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने गुरुवार को नालंदा विश्वविद्यालय में चल रहे कार्यक्रम के बाद ग्लास स्काई वॉक व जू सफारी का भ्रमण किया। कहा कि उन्हें राजगीर की वादियों और हरियाली को देखने का विशेष गौरव प्राप्त हुआ। उन्होंने राजगीर की हरी-भरी प्राकृतिक छंटा, सुव्यवस्थित पर्यटन अवसंरचना तथा जैव-विविधता संरक्षण के क्षेत्र में किये जा रहे कार्योँ की सराहना की। राजगीर प्रकृति प्रेमियों और आध्यात्मिक यात्रियों दोनों के लिए बेहतर स्थल है। सफारी की सराहना करते हुए कहा कि पर्यावरण संतुलन को बनाये रखते हुए पर्यटन को बढ़ावा देना एक चुनौतीपूर्ण कार्य है, जिसे यहां अत्यंत प्रभावी ढंग से किया जा रहा है। इस पहल से पर्यावरण जागरूकता को भी नई दिशा मिल रही है। इस मौके पर जू सफारी के निदेशक राम सुन्दर एम सहित अन्य शामिल रहे।
