नालंदा में जीविका कर्मियों का एक दिवसीय कार्यशाला आयोजित, कौशल विकास के विभिन्न आयामों पर हुआ मंथन
शंकर कुमार सिन्हा
नालंदा। कौशल विकास के विभिन्न आयामों एवं उसके लाभों पर केंद्रित एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन नालंदा जिले में जीविका की ओर से किया गया। कार्यशाला का उद्देश्य जीविका कर्मियों को कौशल विकास की बारीकियों से अवगत कराना तथा जिले के युवाओं को रोजगार एवं स्वरोजगार के बेहतर अवसरों से जोड़ने की रणनीति पर चर्चा करना था।
कार्यक्रम में बताया गया कि जीविका द्वारा पिछले लगभग 20 वर्षों से जिले के सभी प्रखंडों में बेरोजगार युवक एवं युवतियों को तकनीकी एवं गैर-तकनीकी क्षेत्रों में प्रशिक्षण प्रदान किया जा रहा है। इस पहल के तहत हर वर्ष सैकड़ों युवाओं को न केवल बिहार बल्कि अन्य राज्यों एवं राष्ट्रीय स्तर के प्रतिष्ठित संस्थानों में रोजगार के अवसर उपलब्ध कराए जा रहे हैं।

इस अवसर पर जिला परियोजना प्रबंधक संजय प्रसाद पासवान ने कहा कि सामान्य शिक्षा प्राप्त कर चुके युवाओं को अपने कौशल विकास पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि यदि युवा अपनी क्षमता को निखारें और प्रशिक्षण प्राप्त करें, तो वे केवल नौकरी ही नहीं बल्कि स्वरोजगार के क्षेत्र में भी सफलता प्राप्त कर सकते हैं और आत्मनिर्भर बन सकते हैं।
कार्यशाला में RSETI के निदेशक राजीव वर्मा ने भी अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। उन्होंने कहा कि जीविका के सहयोग से ग्रामीण क्षेत्रों के युवाओं को विभिन्न प्रकार के प्रशिक्षण देकर उन्हें रोजगार से जोड़ा जा रहा है, जिसका लाभ जिले के सैकड़ों युवा उठा रहे हैं।
कार्यक्रम में जीविका की ओर से जिला परियोजना प्रबंधक श्री संजय प्रसाद पासवान, संचार प्रबंधक श्री संतोष कुमार, कृषि प्रबंधक श्री अनुराग कुमार, स्वास्थ्य एवं पोषण प्रबंधक श्री नूरुल होदा, संस्थागत प्रशिक्षण प्रबंधक श्री रामपुकार एवं कौशल विकास प्रबंधक श्री संतोष कुमार सहित सभी प्रखंडों से आए जीविका कर्मी उपस्थित रहे। कार्यशाला के माध्यम से कौशल विकास को जन-जन तक पहुंचाने का संकल्प दोहराया गया।
