भावुक माहौल में प्रधानाध्यापक अनिल कुमार सिन्हा को दी गई विदाई, विद्यालय के विकास में योगदान को किया गया याद
सेवानिवृत्ति पर सैकड़ों छात्र-छात्राओं ने रोली-चंदन का टीका लगाकर दी भावभीनी विदाई, छात्रों ने गीत गाकर किया सम्मान
बिहारशरीफ (नालंदा), 31 जुलाई। चिन्हित मध्य विद्यालय, साठोपुर के प्रधानाध्यापक अनिल कुमार सिन्हा शुक्रवार को अपनी लंबी एवं सफल शैक्षणिक सेवा पूरी करने के बाद सेवानिवृत्त हो गए। इस अवसर पर विद्यालय परिसर में आयोजित विदाई समारोह भावुक माहौल में संपन्न हुआ। सैकड़ों छात्र-छात्राओं ने विदाई गीत प्रस्तुत कर, रोली-चंदन का टीका लगाकर तथा पुष्प अर्पित कर उन्हें सम्मानपूर्वक विदाई दी। समारोह में उपस्थित सभी लोगों ने उनके स्वस्थ, सुखद एवं उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उच्च माध्यमिक विद्यालय बियाबानी की प्राचार्या सोनी कुमारी, प्रभारी प्रधानाध्यापक सुधीर कुमार, शिक्षक अजय कुमार, शिव बालक सिंह चौहान, त्रिपुरारी प्रसाद सिंह, मोहम्मद नैयर, आजम अंसारी सहित अन्य वक्ताओं ने कहा कि अनिल कुमार सिन्हा ने अपने कार्यकाल में विद्यालय को नई पहचान दिलाने का कार्य किया। उन्होंने शिक्षा की गुणवत्ता के साथ-साथ विद्यालय के आधारभूत ढांचे को मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

वक्ताओं ने कहा कि उनके कार्यकाल में विद्यालय में सीसीटीवी कैमरे लगाए गए, विद्यालय का सौंदर्यीकरण कराया गया, कार्यालय में अटैच्ड बाथरूम का निर्माण हुआ, स्टेज का निर्माण कराया गया तथा ग्रिल, माइक, प्रिंटर, डेस्क, लैपटॉप, टीवी और लगभग 200 बेंच की व्यवस्था कर विद्यालय को आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित किया गया। उनके प्रयासों से विद्यालय का शैक्षणिक वातावरण भी काफी बेहतर हुआ।
विदाई समारोह में राजीव रंजन सिन्हा, अरविंद प्रसाद, बीआरसी के रामकुमार, अकाउंटेंट रंजन कुमार, रौशन कुमार, नीलम कुमारी, विशाल कुमार, ममता कुमारी, दीपक कुमार सहित बड़ी संख्या में शिक्षक, कर्मचारी, छात्र-छात्राएं एवं अभिभावक मौजूद रहे।
समारोह के अंत में विद्यालय परिवार की ओर से प्रधानाध्यापक अनिल कुमार सिन्हा को स्मृति-चिह्न एवं सम्मान-पत्र भेंट कर उनके योगदान के लिए आभार व्यक्त किया गया। इसके बाद सभी छात्र-छात्राओं, शिक्षकों एवं अतिथियों के लिए स्वादिष्ट भोजन की व्यवस्था की गई। पूरे कार्यक्रम के दौरान भावुक माहौल बना रहा और सभी ने उनके स्वस्थ एवं सफल जीवन की कामना करते हुए सम्मानपूर्वक विदाई दी।
