बजट सत्र में गूंजा विद्यालय भवन निर्माण में अनियमितता का मुद्दा, बिहारशरीफ विधायक डॉ. सुनील कुमार ने उच्चस्तरीय जांच की मांग की
शंकर कुमार सिन्हा की रिपोर्ट,
पटना। बिहार विधानसभा के बजट सत्र के दौरान बिहारशरीफ विधानसभा क्षेत्र के विधायक डॉ. सुनील कुमार ने शिक्षा विभाग के अंतर्गत विद्यालय भवन निर्माण कार्यों में कथित अनियमितताओं का मुद्दा सदन में जोरदार ढंग से उठाया। उन्होंने कहा कि निर्माण कार्यों में प्राथमिकताओं की अनदेखी की जा रही है, जिससे छात्रों के हित प्रभावित हो रहे हैं।
सदन को संबोधित करते हुए डॉ. सुनील कुमार ने बताया कि जिन क्षेत्रों में विद्यालय भवन की अत्यंत आवश्यकता है, वहां निर्माण कार्य नहीं हो रहा है, जबकि जहां अपेक्षाकृत कम आवश्यकता है, वहां प्राथमिकता दी जा रही है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि जिन विद्यालयों में छात्र-छात्राओं की संख्या अधिक है, वहां सबसे पहले भवन निर्माण सुनिश्चित किया जाना चाहिए, ताकि बच्चों को सुरक्षित और समुचित शैक्षणिक वातावरण मिल सके।

विधायक ने आरोप लगाया कि जिला शिक्षा पदाधिकारी और संबंधित कार्यान्वयन एजेंसी ‘सम्वेद’ की कथित मिलीभगत के कारण योजनाओं के क्रियान्वयन में पारदर्शिता नहीं बरती जा रही है। उन्होंने कहा कि इससे सरकारी योजनाओं की विश्वसनीयता पर प्रश्नचिह्न खड़ा हो रहा है।
डॉ. सुनील कुमार ने सदन के माध्यम से सभी निर्माण कार्यों की उच्चस्तरीय एवं निष्पक्ष जांच कराने की मांग की। साथ ही उन्होंने सुझाव दिया कि निर्माण कार्यों की प्राथमिकता विधायक की अनुशंसा के आधार पर तय की जाए और निर्धारित तकनीकी मानकों के अनुरूप गुणवत्तापूर्ण निर्माण सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने दोषी पाए जाने वाले अधिकारियों एवं एजेंसियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की भी मांग की।
अपने वक्तव्य के अंत में विधायक ने कहा कि विद्यार्थियों को सुरक्षित, सुदृढ़ एवं बेहतर शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध कराना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। शिक्षा व्यवस्था को पारदर्शी, जवाबदेह और मजबूत बनाना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है तथा बच्चों के भविष्य के साथ किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार्य नहीं है।
