2025 में पृथ्वी ने 420 मिलियन टन ग्लेशियर खो दिए : राजीव रंजन भारती, माध्यमिक विद्यालयों के शिक्षकों को वितरित किए गए 390 पौधे
रानी सिन्हा की रिपोर्ट,
नूरसराय (नालंदा)। डायट नूरसराय में जिले के माध्यमिक विद्यालयों के सामाजिक विज्ञान के 130 शिक्षकों का पांच दिवसीय आवासीय एफएलएन (FLN) प्रशिक्षण शुक्रवार को संपन्न हो गया। प्रशिक्षण समापन से पूर्व पर्यावरण संरक्षण का संदेश देते हुए “मिशन हरियाली नूरसराय” की ओर से सभी शिक्षकों को निजी भूमि पर पौधरोपण के लिए कुल 390 पौधे निःशुल्क वितरित किए गए।
पौधों में 130 अमरूद, 130 कटहल और 130 महोगनी के पौधे शामिल थे। इस अवसर पर मिशन हरियाली नूरसराय के संस्थापक राजीव रंजन भारती ने पर्यावरणीय संकट पर चिंता जताते हुए कहा कि आज मानव प्रकृति से दूर होता जा रहा है। उन्होंने कहा, “हम हाथ में कुल्हाड़ी लेकर छांव खोज रहे हैं, नदी-तालाब मिटाकर वाटर पार्क ढूंढ रहे हैं। यही वर्तमान जीवनशैली की विडंबना है।”
उन्होंने कहा कि मानव इतिहास में चुनौतियां हमेशा रही हैं, लेकिन आज वैश्विक तापमान में वृद्धि और मौसम चक्र में बदलाव जैसी समस्याएं गंभीर रूप ले चुकी हैं। राजीव रंजन भारती ने दावा किया कि वर्ष 2025 में पृथ्वी ने 420 मिलियन टन ग्लेशियर खो दिए हैं, जो अत्यंत चिंताजनक संकेत है। उन्होंने कहा कि यदि जंगल समाप्त हो जाएंगे, ग्लेशियर पिघल जाएंगे और अन्य जीव-जंतु विलुप्त हो जाएंगे, तो मानव अस्तित्व भी संकट में पड़ जाएगा। इस समस्या के समाधान के लिए सामूहिक प्रयास की आवश्यकता है।
व्याख्याता संगम भारती ने कहा कि वृक्ष स्थिरता और धैर्य का प्रतीक हैं। वे तमाम विपरीत परिस्थितियों को सहते हुए भी मानव और प्रकृति के हित में खड़े रहते हैं। इसलिए वृक्षों की रक्षा और अधिकाधिक पौधरोपण समय की मांग है।
प्रशिक्षण में शामिल शिक्षकों ने प्राप्त पौधों को रोपित करने और उनके संरक्षण का संकल्प लिया। कार्यक्रम में प्रभारी प्राचार्य डॉ. सरफराज आलम, विनय प्रकाश, प्रमोद कुमार, विवेक कुमार, पी. सिंह सहित अन्य लोग उपस्थित रहे।
