स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा बैठक में डीएम के सख्त निर्देशअस्पतालों में मुफ्त भोजन, साफ-सफाई और चिकित्सकों की उपलब्धता सुनिश्चित करने पर जोर
प्रेम सिंघानिया की रिपोर्ट,
बिहारशरीफ (नालंदा)। कुंदन कुमार, जिला पदाधिकारी, नालंदा ने स्वास्थ्य विभाग के कार्यों की समीक्षा करते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। समीक्षा बैठक में उन्होंने स्पष्ट कहा कि बिहार सरकार द्वारा संचालित स्वास्थ्य योजनाओं का लाभ अंतिम पायदान तक के लोगों को हर हाल में पहुंचाया जाए।
डीएम ने निर्देश दिया कि सभी अस्पतालों में मरीजों को निर्धारित मेन्यू के अनुसार मुफ्त भोजन उपलब्ध कराया जाए तथा अस्पतालों की साफ-सफाई की व्यवस्था हर स्थिति में सुनिश्चित की जाए। जरूरतमंद मरीजों को बेहतर एवं समयबद्ध स्वास्थ्य सुविधा प्रदान करना प्राथमिकता होनी चाहिए।
टीवी स्क्रीन पर चिकित्सकों की जानकारी
मरीजों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए जिला पदाधिकारी के निर्देशानुसार सभी अस्पतालों में कार्यरत चिकित्सकों का नाम, मोबाइल नंबर एवं ड्यूटी रोस्टर टीवी स्क्रीन पर प्रदर्शित किया जा रहा है। इससे मरीजों और उनके परिजनों को सुविधा मिल रही है तथा चिकित्सकों की अनुपलब्धता संबंधी शिकायतों में कमी आई है।
डेली मॉनिटरिंग मैट्रिक्स से बढ़ी निगरानी
स्वास्थ्य सेवाओं की नियमित निगरानी के लिए ‘डेली मॉनिटरिंग मैट्रिक्स’ लागू किया गया है। इसके तहत प्रतिदिन एक्स-रे, ईसीजी, नेत्र जांच, पैथोलॉजी, अल्ट्रासाउंड, सीटी-स्कैन, मरीजों के बेडशीट परिवर्तन, शौचालय की सफाई, भोजन एवं दवाओं की उपलब्धता की जांच की जा रही है। जिलाधिकारी ने निर्देश दिया कि संबंधित कार्यों के फोटोग्राफ प्रतिदिन “DMG Health Nalanda” ग्रुप में साझा किए जाएं, ताकि जिला स्तर पर संस्थानवार विश्लेषण हो सके।
खराब मशीनों की मरम्मत से सेवाओं में सुधार
डीपीएम (स्वास्थ्य विभाग) ने बताया कि प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र करायपरसुराय में महीनों से खराब पड़ी सीबीसी मशीन को 24 घंटे के भीतर ठीक कराया गया। गिरियक में ईसीजी मशीन तथा इस्लामपुर में एक्स-रे मशीन को भी दुरुस्त किया गया। सदर अस्पताल में पैथोलॉजी सुविधाओं को बढ़ाया गया है। इन कदमों से स्वास्थ्य सेवाओं में गुणात्मक सुधार देखा गया है।
मॉडल अस्पताल की उपलब्धियां
अस्पतालों में उपलब्ध सुविधाओं को स्टैंडी के माध्यम से प्रदर्शित करने से आम जनता का विश्वास बढ़ा है। हाल के आंकड़ों के अनुसार—
- 286 मरीजों का अपेंडिक्स, हाइड्रोसील, लिपोमा, सिस्ट, हर्निया, यूटरस आदि का मेजर एवं माइनर ऑपरेशन।
- 126 महिलाओं का सिजेरियन प्रसव।
- 580 मरीजों की नेत्र जांच, जिनमें 16 मोतियाबिंद ऑपरेशन।
- 384 दंत उपचार।
- 476 ईसीजी।
- 3190 एक्स-रे।
- 507 अल्ट्रासाउंड।
- 496 सीटी-स्कैन।
- 104 बंध्याकरण ऑपरेशन।
- ईएनटी विभाग में 842 मरीजों का उपचार।
बैठक में अपर समाहर्ता, जिला आपूर्ति पदाधिकारी, वरीय उपसमाहर्ता, डीपीएम (स्वास्थ्य विभाग) एवं डीएस सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे। जिला प्रशासन ने कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता में निरंतर सुधार के लिए नियमित समीक्षा जारी रहेगी।
