बकाया वेतन रिलीज कराने के नाम पर 17 हजार घूस लेते शिक्षक गिरफ्तार, बीईओ भी नामजद
शंकर कुमार सिन्हा की रिपोर्ट
चंडी, नालंदा। भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई करते हुए निगरानी अन्वेषण ब्यूरो, पटना की टीम ने सोमवार को चंडी प्रखंड संसाधन केंद्र (बीआरसी) में छापेमारी कर एक संसाधन शिक्षक को 17 हजार रुपये रिश्वत लेते रंगेहाथ गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार शिक्षक की पहचान मनोज कुमार वर्मा के रूप में हुई है। इस मामले में चंडी की प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी (बीईओ) पुष्पा कुमारी को भी मुख्य अभियुक्त बनाया गया है।
जानकारी के अनुसार, यह कार्रवाई एक पीड़ित शिक्षक की शिकायत पर की गई। शिकायत में बताया गया था कि वर्ष 2017 से 2019 के दौरान मिड डे मील में कथित गड़बड़ी के आरोप में उन्हें निलंबित कर दिया गया था। बाद में अदालत ने उनके पक्ष में फैसला सुनाते हुए रोके गए वेतन के भुगतान का आदेश दिया था। जिला स्तर से भी इस संबंध में निर्देश जारी किए गए थे, लेकिन इसके बावजूद उनका बकाया वेतन जारी नहीं किया जा रहा था।
पीड़ित शिक्षक का आरोप है कि बकाया वेतन भुगतान कराने के बदले 17 हजार रुपये रिश्वत की मांग की जा रही थी। इस संबंध में उन्होंने निगरानी विभाग से शिकायत की। शिकायत मिलने के बाद निगरानी अन्वेषण ब्यूरो ने मामले का सत्यापन कराया, जिसमें रिश्वत मांगे जाने की पुष्टि हुई।
इसके बाद कांड संख्या 19/26 दर्ज कर विशेष धावा दल का गठन किया गया। योजना के तहत सोमवार को पीड़ित शिक्षक चंडी बीआरसी पहुंचे और वहां मौजूद संसाधन शिक्षक मनोज कुमार वर्मा को जैसे ही 17 हजार रुपये दिए, पहले से मौजूद निगरानी टीम ने उन्हें रंगेहाथ पकड़ लिया।
पूछताछ के दौरान यह बात सामने आई कि मनोज कुमार वर्मा प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी पुष्पा कुमारी के निर्देश पर ही यह रिश्वत की राशि ले रहे थे। इसके आधार पर निगरानी टीम ने बीईओ पुष्पा कुमारी को भी मामले में नामजद अभियुक्त बनाया है।
गिरफ्तारी के बाद निगरानी टीम आरोपी शिक्षक को अपने साथ पटना ले गई, जहां उससे आगे की पूछताछ और कानूनी कार्रवाई की जा रही है। इस कार्रवाई के बाद शिक्षा विभाग और प्रखंड कार्यालय में हड़कंप मच गया है।
