नालंदा में बौद्धिक संपदा अधिकार पर एक दिवसीय जागरूकता कार्यक्रम आयोजित
बिहार शरीफ, नालंदा। एमएसएमई विकास कार्यालय, पटना एवं सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्रालय, भारत सरकार के संयुक्त तत्वावधान में बौद्धिक संपदा अधिकार (आईपीआर) विषय पर आधारित एक दिवसीय कार्यक्रम का आयोजन 19 फरवरी 2026 को जिला उद्योग केंद्र, नालंदा परिसर में किया गया। कार्यक्रम में जिले के विभिन्न एमएसएमई इकाइयों एवं उद्यमियों ने भाग लिया।
कार्यक्रम का उद्घाटन मुख्य अतिथि श्री प्रवीण कुमार, अपर विकास आयुक्त, विकास आयुक्त कार्यालय, नई दिल्ली द्वारा किया गया। अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि बौद्धिक संपदा अधिकार आज के प्रतिस्पर्धी बाजार में एमएसएमई इकाइयों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। पेटेंट, ट्रेडमार्क, कॉपीराइट और डिज़ाइन पंजीकरण जैसे अधिकार उद्योगों को कानूनी सुरक्षा प्रदान करते हैं और उन्हें बाजार में मजबूती देते हैं। उन्होंने बताया कि केंद्र सरकार बौद्धिक संपदा प्रतिपूर्ति योजना के माध्यम से सूक्ष्म एवं लघु उद्योगों को आर्थिक सहयोग देकर नवाचार को बढ़ावा दे रही है।

इस अवसर पर श्री आर.के. चौधरी, निदेशक, एमएसएमई विकास कार्यालय, पटना; श्री अजय कुमार, परियोजना प्रबंधक, जिला उद्योग केंद्र, नालंदा; श्री शशिकांत, वरीय प्रबंधक, पंजाब नेशनल बैंक, नालंदा; श्री संतोष कुमार साहू; डॉ. रोचक राठौर, सहायक निदेशक ग्रेड-1 तथा श्री अंकेश कुमार, कार्यालय संयोजक सहित कई गणमान्य अतिथि उपस्थित रहे।
तकनीकी सत्र में डॉ. रोचक राठौर ने एमएसएमई इनोवेटिव स्कीम एवं मंत्रालय की विभिन्न योजनाओं की विस्तृत जानकारी दी। वहीं बौद्धिक संपदा अधिवक्ता श्री रोबिन विंसेंट एवं श्री मनीष रिजु ने आईपीआर के कानूनी पहलुओं, पंजीकरण प्रक्रिया और उद्योगों में इसकी उपयोगिता पर प्रकाश डाला। प्रतिभागियों ने विशेषज्ञों से विभिन्न सवाल पूछकर अपनी जिज्ञासाओं का समाधान प्राप्त किया।
कार्यक्रम के अंत में श्री जी.एल. मीणा एवं डॉ. श्वेता देवतले, सहायक निदेशक द्वारा धन्यवाद ज्ञापन किया गया। आयोजन का उद्देश्य एमएसएमई इकाइयों को बौद्धिक संपदा अधिकारों के प्रति जागरूक करना एवं उन्हें आत्मनिर्भर और प्रतिस्पर्धी बनाना था।
