नालंदा में 59.11% मतदान, हरनौत के मुसहरी गांव में वोट बहिष्कार, शांति पूर्ण तरीके से मतदान संपन्न
नालंदा। बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के पहले चरण के तहत नालंदा जिले की सातों विधानसभा सीटों पर मतदान जारी है। शाम 6 बजे तक जिले में 59.11 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया। मतदान सुबह 7 बजे से शुरू हुआ, जो निर्धारित समयानुसार शाम 6 बजे तक चला। इस दौरान कुल 22 लाख 42 हजार 867 मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे। इनमें 11 लाख 81 हजार 613 पुरुष, 10 लाख 61 हजार 200 महिलाएं और 54 थर्ड जेंडर शामिल हैं। वहीं प्रथम बार वोट डालने वाले 18 से 19 वर्ष के 39 हजार 651 युवा मतदाता हैं।

प्रखंड कार्यालय बिहार शरीफ के आदर्श मतदान केंद्र, बूथ संख्या 260 पर जिला निर्वाचन पदाधिकारी सह जिलाधिकारी कुंदन कुमार ने अपनी पत्नी के साथ पहुंचकर मतदान किया।
नालंदा जिले की सभी सात विधानसभा सीटों पर मतदान जारी है। चुनावी प्रक्रिया के दौरान प्राप्त अनुमानित आंकड़ों के अनुसार अस्थावां विधानसभा क्षेत्र (171) में 54.65 प्रतिशत, इस्लामपुर (174) में 59.84 प्रतिशत, नालंदा (176) में 60.63 प्रतिशत, बिहार शरीफ (172) में 55.09 प्रतिशत, राजगीर (173) में 62.03 प्रतिशत, हरनौत (177) में 59.12 प्रतिशत तथा हिलसा (175) में 61.82 प्रतिशत मतदान दर्ज किए जाने का अनुमान है। मतदान प्रतिशत के आधार पर हिलसा विधानसभा क्षेत्र में सर्वाधिक मतदाताओं ने वोट डाला है, जबकि बिहार शरीफ सीट पर सबसे कम मतदान की रिपोर्ट सामने आई है। मतदान के प्रति नालंदा, राजगीर और इस्लामपुर के मतदाताओं में विशेष उत्साह देखा गया। कुछ स्थानों पर विरोध और शिकायतों का मामूली प्रभाव नजर आया, परंतु कुल मिलाकर मतदान प्रक्रिया शांतिपूर्ण बताई जा रही है।

अस्थावां विधानसभा क्षेत्र के सरमेरा प्रखंड के टाल क्षेत्र में सुरक्षा के दृष्टिकोण से घुड़सवार पुलिस बल तैनात किया गया है। यहाँ मतदान शांतिपूर्ण बताया जा रहा है।
जिले की सभी सीटों पर कुल 68 प्रत्याशी चुनावी मैदान में हैं। नालंदा जिले से बिहार सरकार के दो मंत्री भी अपनी किस्मत आजमा रहे हैं। बिहार शरीफ से वन एवं पर्यावरण जलवायु परिवर्तन मंत्री डॉ. सुनील कुमार और नालंदा से ग्रामीण विकास मंत्री श्रवण कुमार चुनाव लड़ रहे हैं।
महागठबंधन में बिहार शरीफ सीट से कांग्रेस और सीपीआई के बीच सीधी टक्कर है। कांग्रेस ने उमैर खान को उतारा है, वहीं सीपीआई ने शिवकुमार यादव उर्फ सरदार जी को प्रत्याशी बनाया है। हिलसा से शक्ति सिंह यादव (राजद), इस्लामपुर से राकेश रोशन (राजद), अस्थावां से रवि रंजन उर्फ छोटू मुखिया (राजद), राजगीर से विश्वनाथ चौधरी (माले), नालंदा से कौशलेंद्र कुमार (कांग्रेस) और हरनौत से अरुण बिन्द (कांग्रेस) मैदान में हैं।

मुख्यमंत्री के करीबी व जदयू के वरिष्ठ नेता, ग्रामीण विकास मंत्री श्रवण कुमार ने अपने गृह प्रखंड बेन के उच्च माध्यमिक विद्यालय में मतदान किया।
एनडीए गठबंधन में भाजपा केवल बिहार शरीफ सीट पर डॉ. सुनील कुमार के साथ उतरी है। अन्य छह सीटों पर जदयू का कब्जा चुनावी मुकाबले में कायम है। इनमें अस्थावां से डॉ. जितेंद्र कुमार, राजगीर से कौशल किशोर, हरनौत से हरिनारायण सिंह, नालंदा से श्रवण कुमार, हिलसा से कृष्ण मुरारी उर्फ प्रेम मुखिया और इस्लामपुर से रुहेल रंजन शामिल हैं।
वही सात विधानसभा सीट से 8 महिलाएं चुनावी दंगल में है जिसमे अस्थावां से लता सिंह और शबनम लता, बिहारशरीफ से सरस्वती कुमारी, राजगीर (आरक्षित) से अंजली रॉय और मानो देवी, इस्लामपुर से तनुजा कुमारी और मितू कुमारी तथा नालंदा से कुमारी पूनम सिन्हा भी चुनावी दंगल में ताल ठोक रही हैं।

हरनौत के डीहरी पंचायत अंतर्गत मुसहरी गांव में ग्रामीणों ने अंडरपास निर्माण की मांग को लेकर मतदान का बहिष्कार किया। आंगनबाड़ी केंद्र स्थित बूथ संख्या 280 पर दोपहर 4 बजे तक एक भी वोट नहीं पड़ा। यहां कुल 750 पंजीकृत मतदाता हैं।
जिले में सबसे अधिक 13 उम्मीदवार इस्लामपुर विधानसभा क्षेत्र में हैं। इसके बाद हरनौत में 11, बिहार शरीफ, हिलसा और नालंदा में 10-10 प्रत्याशी हैं। सबसे कम 7-7 उम्मीदवार अस्थावां और राजगीर (आरक्षित) सीट पर चुनाव लड़ रहे हैं।

पैरा मिलिट्री फोर्स के साथ पूरे जिले में एसपी के नेतृत्व में फ्लैग मार्च किया गया। कई क्विक रिस्पांस टीम (QRT), एफएसटी, एसएसटी और डायनेमिक QRT लगातार गश्त कर रही हैं। सीमावर्ती इलाकों में भी चेकिंग अभियान तेज किया गया है।
वोटिंग के दौरान कुछ जगहों पर गड़बड़ी और विरोध के मामले भी सामने आए। बिहार शरीफ और राजगीर में बोगस वोटिंग की शिकायतें मिली हैं। वहीं हरनौत के मुसहरी गांव में ग्रामीणों ने मतदान का बहिष्कार किया। प्रशासन मामले की जांच कर रहा है।

उत्क्रमित मध्य विद्यालय भैसासुर के बूथ संख्या 264 पर बोगस वोटिंग का मामला सामने आया। मतदाता राजेश कुमार ने बताया कि उन्हें जानकारी दी गई कि उनका वोट पहले ही पड़ चुका है, जबकि उन्होंने मतदान किया ही नहीं था। पीठासीन पदाधिकारी ने इसे पोलिंग एजेंट की गलती बताया।
