नालंदा में बोर्ड परीक्षाओं का महाआगाज़: 49 केंद्रों पर 51,524 परीक्षार्थी, लेट आने वालों पर सख्ती और कड़ी सुरक्षा व्यवस्था
शंकर कुमार सिन्हा की रिपोर्ट,
बिहारशरीफ: जिले में मंगलवार से बिहार विद्यालय परीक्षा समिति की मैट्रिक परीक्षा तथा केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) की 10वीं और 12वीं की परीक्षाएं एक साथ प्रारंभ हो गईं। दोनों बोर्ड की परीक्षाओं को मिलाकर जिले में कुल 49 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं, जहां 51,524 परीक्षार्थी परीक्षा दे रहे हैं। पहली पाली की परीक्षा शांतिपूर्ण वातावरण में संपन्न हुई।
लेट पहुंचने वालों पर सख्ती
परीक्षा के पहले ही दिन प्रशासन की सख्ती देखने को मिली। नालंदा कॉलेज केंद्र पर देरी से पहुंचने के कारण पांच छात्राओं को प्रवेश नहीं दिया गया। वहीं एसएस बालिका उच्च विद्यालय केंद्र पर लेट से पहुंचने पर एक वीक्षक को भी अंदर जाने की अनुमति नहीं मिली। सुबह ठीक 9 बजे गेट बंद कर दिए गए, जिसके बाद किसी भी परीक्षार्थी को प्रवेश नहीं मिला।

एसएस बालिका उच्च विद्यालय के बाहर एक छात्रा को एंट्री नहीं मिलने पर कुछ देर के लिए हंगामा की स्थिति उत्पन्न हो गई। सुरक्षा बलों की मौजूदगी में स्थिति को नियंत्रित किया गया। कई छात्राएं बिना जूता-चप्पल के परीक्षा देने पहुंचीं। सघन जांच के बाद ही उन्हें प्रवेश दिया गया।
36 केंद्रों पर 45,324 मैट्रिक परीक्षार्थी
मैट्रिक परीक्षा के लिए जिले के 36 केंद्रों पर कुल 45,324 परीक्षार्थी शामिल होंगे। इनमें 23,026 छात्र और 22,192 छात्राएं हैं। छात्रों के लिए 21 और छात्राओं के लिए 15 अलग-अलग केंद्र निर्धारित किए गए हैं।
पहली पाली सुबह 9 बजे तथा दूसरी पाली दोपहर 1:30 बजे प्रारंभ होती है। निर्धारित समय के बाद किसी भी परिस्थिति में परीक्षा केंद्र में प्रवेश की अनुमति नहीं दी जाएगी। ड्यूटी से अनुपस्थित रहने वाले वीक्षकों के विरुद्ध भी सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।
चार ‘आदर्श केंद्र’ पूरी तरह महिला कर्मियों के जिम्मे
जिले के बिहारशरीफ, राजगीर और हिलसा में चार ‘आदर्श परीक्षा केंद्र’ स्थापित किए गए हैं। इन केंद्रों पर केंद्राधीक्षक, वीक्षक और सुरक्षाकर्मी सहित सभी पदों पर केवल महिलाओं की तैनाती की गई है। प्रशासन का कहना है कि इस पहल से परीक्षा संचालन में पारदर्शिता और सुरक्षा को बढ़ावा मिलेगा।

परीक्षार्थियों के लिए दिशा-निर्देश
परीक्षार्थियों को केवल पारदर्शी पानी की बोतल, एडमिट कार्ड और ब्लू या ब्लैक पेन ले जाने की अनुमति है। मधुमेह (डायबिटीज) से पीड़ित छात्रों को मानवीय आधार पर राहत देते हुए डॉक्टर की पर्ची के साथ आवश्यक दवा और हल्का भोजन ले जाने की छूट दी गई है।
कड़ी निगरानी में परीक्षा संचालन
परीक्षा को निष्पक्ष और कदाचारमुक्त बनाने के लिए 78 स्टैटिक दंडाधिकारी, 18 गश्ती दल, 8 जोनल और 5 सुपर जोनल दंडाधिकारी तैनात किए गए हैं। सभी अधिकारी लगातार परीक्षा केंद्रों का निरीक्षण कर प्रतिदिन अपनी रिपोर्ट प्रशासन को सौंप रहे हैं।
कड़ी सुरक्षा व्यवस्था और प्रशासनिक सतर्कता के बीच जिले में बोर्ड परीक्षाओं की शुरुआत व्यवस्थित और शांतिपूर्ण ढंग से हुई।
