नालंदा विश्वविद्यालय में अल्पसंख्यक कार्य मंत्रालय का दो दिवसीय चिंतन शिविर शुरू, अल्पसंख्यक समुदायों को सशक्तीकरण व कल्याणकारी योजनाओं पर दिया गया बल, आज आयेंगे केन्द्रीय मंत्री किरेन रिजिजू
अनुमंडल संवाददाता, राजगीर।
राजीव लोचन की रिपोर्ट…
राजगीर(नालंदा)। नालंदा विश्वविद्यालय में बुधवार को अल्पसंख्यक कार्य मंत्रालय की ओर से दो दिवसीय चिंतन शिविर का आयोजन हुआ। इसमें अल्पसंख्यक समुदायों के सामाजिक-आर्थिक सशक्तिकरण और कल्याणकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन पर चर्चा हुई। पहले दिन की शुरूआत तकनीकी और कार्यप्रणाली पर केन्द्रित रहा। इंडस्ट्रियल फाइनेंस कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया (आईएफसीआई), फाउंडेशन फॉर इनोवेशन एंड टेक्नोलॉजी ट्रांसफर (एफआईटीटी), आईआईटी दिल्ली और सर्वे ऑफ इंडिया के विशेषज्ञों ने अपनी बातें रखी और लोगों को विस्तार से जानकारी दी। मंत्रालय की योजनाओं में पारदर्शिता लाने और प्रोजेक्ट मॉनिटरिंग को बेहतर बनाने पर बल दिया गया।

पांच प्रमुख विषयों पर केंद्रित रहीं चर्चा :
शिविर में मुख्य रूप से पांच बिंदुओं पर रणनीति तैयार की जा रही है। इनमें अवसंरचना विकास (प्रधानमंत्री जन विकास कार्यक्रम), सामाजिक-आर्थिक सशक्तिकरण(पीएम विकास और एनएमडीएफसी), वक्फ प्रबंधन और हज प्रबंधन शामिल है। अधिकारियों ने इन योजनाओं के क्रियान्वयन में आ रही बाधाओं और उनके समाधान के बारे में भी बताया। दूसरे दिन इस कार्यक्रम का विधिवत उद्घाटन योग सत्र से होगा। इसमें केन्द्रीय मंत्री किरेन रिजिजू शामिल होंगे। वे मंत्रालय की पीएमजेवीके मोबाइल ऐप: परियोजनाओं की निगरानी और पारदर्शिता के लिए, हज सुविधा स्मार्ट रिस्ट बैंड: हज यात्रियों की सुरक्षा और ट्रैकिंग के लिए और एआई-संचालित चैटबॉट: मंत्रालय के पोर्टल पर आम लोगों के सवालों का तुरंत समाधान देने के लिए सहित तीन प्रमुख तकनीकी पहलों को लांन्च करेंगे।

ज्ञान की धरती नालंदा बनी गवाह :
मंत्रालय ने नालंदा विश्वविद्यालय को इस आयोजन के लिए चुना है जो भारत की प्राचीन ज्ञान परंपरा और संवाद का प्रतीक है। यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल के समीप हो रहे इस मंथन से अल्पसंख्यक कल्याण के लिए एक ठोस और कार्रवाई योग्य रोडमैप तैयार होने की उम्मीद है। संसदीय कार्य एवं अल्पसंख्यक कार्य मंत्री किरेन रिजिजू और केंद्रीय राज्य मंत्री जॉर्ज कुरियन के साथ-साथ विभिन्न राज्यों के विभागीय मंत्रियों और वरिष्ठ अधिकारी हिस्सा लेंगे। दूसरे दिन बिहार अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री मो. जमा खान के अलावा अरुणाचल प्रदेश के मंत्री केंटो जिनी, नागालैंड के सलाहकार इमकोंगमार, सिक्किम के मंत्री समदुप लेप्चा और त्रिपुरा के मंत्री शुक्ल चरण नोआतिया शामिल होंगे।
केन्द्र और राज्य सरकारों के बीच समन्वय को मजबूत करने के उद्देश्य से आयोजित इस शिविर में सभी हितधारकों ने अपने राज्यों की चुनौतियों और सुझावों को पटल पर रखा।
