परमात्मा के अवतरण का महापर्व है महाशिवरात्रि
अनुमंडल संवाददाता, राजगीर।
राजीव लोचन की रिपोर्ट…
राजगीर(नालंदा)। राजगीर सेवा केन्द्र पर शिव ध्वजारोहण कर भाई बहनों को प्रतिज्ञा करायी गयी। ब्रह्माकुमारी अनुपमा बहन ने कहा कि महाशिवरात्रि का महापर्व कई आध्यात्मिक रहस्यों को समेटे हुए है। यह पर्व सभी पर्वों में महान और श्रेष्ठ है। शिवरात्रि परमात्मा ने श्रीमद् पर भागवत गीता में कहा है शिव परमात्मा भारत भूमि पर अवतरित होते हैं। भारत देश 33 कोटि देवी देवताओं का देश है। इन सभी देवताओं को बनाने वाले एक ही परमपिता परमात्मा शिव हैं। शिव की अनेक धर्म अनेक रूपों में भले ही पूजा की जाती है, परंतु उसका केंद्र बिंदु परमात्मा शिव के पास ही जाकर समाप्त होता है। परमात्मा शिव देवों के भी देव महादेव ब्रह्मा, विष्णु, शंकर के भी रचयिता हैं। त्रिमूर्ति तीनों लोगों के मालिक त्रिलोकी नाथ तीनों कालों को जानने वाले त्रिकालदर्शी हैं। विश्व की सभी आत्माओं के परमपिता परमात्मा शिव है। परमात्मा जन्म मरण से नारे हैं। उनका जन्म नहीं होता बल्कि परकाया प्रवेश होता है। सभी धर्म के लोगों ने अनेक नाम और रूप से शिव को ही याद किया है। सभी एक साथ मिलकर शिव ध्वजारोहण किया। इस मौके पर बड़ी संगत के विवेक मुनि, पंडा कमेटी के विकास उपाध्याय, ब्रह्माकुमारी बबीता बहन, ब्रह्माकुमारी ज्योति बहन, गुड़िया बहन, सोनू भाई, अमित भाई, मास्टर भाई, सोनू सहित अन्य शामिल हुए।
