ज्ञान की धरती नालंदा में नवाचार की उड़ान, कन्हैयागंज के युवक ने बनाया ‘टोरनाडो झूला’

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डायमंड कुमार की रिपोर्ट, एकंगरसराय (नालंदा) : नालंदा जिसे ज्ञान और शिक्षा की ऐतिहासिक धरती के रूप में विश्वभर में पहचान मिली है, एक बार फिर अपनी प्रतिभा के दम पर सुर्खियों में है। जिले के एकंगरसराय प्रखंड अंतर्गत कन्हैयागंज गांव निवासी विनय कुमार ने छह महीने की कठिन मेहनत और शोध के बाद ‘टोरनाडो झूला’ का निर्माण कर एक नई मिसाल कायम की है।

विनय कुमार ने बताया कि इस झूले का मूल डिजाइन चीन में प्रचलित है और पहले इस प्रकार के झूले चीन से आयात होकर भारत में आते थे। उन्होंने यूट्यूब पर इसका वीडियो देखने के बाद इसे स्वयं तैयार करने का संकल्प लिया। लगातार छह माह तक अध्ययन, प्रयोग और तकनीकी सुधार के बाद उन्होंने इस आधुनिक और आकर्षक झूले को सफलतापूर्वक बना लिया।

विनय कुमार का कहना है कि अब नालंदा का कन्हैयागंज गांव भी निर्माण के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बन रहा है और चीन को कड़ी टक्कर देने के लिए तैयार है। यहां न केवल ‘टोरनाडो झूला’ का निर्माण किया जा रहा है, बल्कि अन्य विदेशी डिजाइनों से प्रेरित झूलों को भी स्थानीय स्तर पर तैयार किया जा रहा है। इन उत्पादों के लॉन्च होने से क्षेत्र में रोजगार के नए अवसर भी सृजित हो रहे हैं।

ग्रामीणों का कहना है कि विनय कुमार की इस उपलब्धि से पूरे क्षेत्र का नाम रोशन हुआ है। नालंदा, जो सदियों से शिक्षा और ज्ञान का प्रतीक रहा है, अब नवाचार और निर्माण के क्षेत्र में भी अपनी पहचान मजबूत कर रहा है।

स्थानीय लोगों ने सरकार से मांग की है कि ऐसे प्रतिभाशाली युवाओं को प्रोत्साहन और आर्थिक सहायता दी जाए, ताकि वे अपने हुनर के बल पर जिले और राज्य का नाम राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर गौरवान्वित कर सकें।

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