नालंदा को कृषि यंत्र निर्माण में मॉडल जिला बनाने की पहल, चंडी में हुआ तकनीकी उन्नयन प्रशिक्षण

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चंडी, नालंदा।

नालंदा। जिले में कृषि यंत्र निर्माण को नई पहचान दिलाने की दिशा में प्रशासन ने ठोस पहल शुरू की है। कुंदन कुमार, जिला पदाधिकारी, नालंदा की अध्यक्षता में चंडी प्रखंड स्थित सेंटर ऑफ़ एक्सीलेंस चंडी में कृषि प्रौद्योगिकी प्रबंध अभिकरण (आत्मा) नालंदा के तत्वावधान में कृषि यंत्र निर्माताओं के लिए एक दिवसीय प्रशिक्षण-सह-परिभ्रमण कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलित कर किया गया।

जिलाधिकारी ने अपने संबोधन में कहा कि नालंदा में निर्मित कृषि यंत्रों को विश्वस्तरीय गुणवत्ता तक पहुंचाने की दिशा में सामूहिक प्रयास आवश्यक है। उन्होंने कहा कि जिले को कृषि यंत्र निर्माण के क्षेत्र में मॉडल जिला के रूप में विकसित करना उनका लक्ष्य है, ताकि स्थानीय स्तर पर उच्च गुणवत्ता, प्रमाणित एवं प्रतिस्पर्धी उत्पाद तैयार किए जा सकें।

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जिला कृषि पदाधिकारी डॉ. नितेश कुमार ने बताया कि इससे पूर्व 28 जनवरी 2026 को राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान राजगीर में कृषि यंत्र निर्माताओं के कौशल विकास हेतु प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया था। इसका उद्देश्य स्थानीय निर्माताओं को पारंपरिक तकनीक से आगे बढ़ाकर आधुनिक ‘इंडस्ट्री 4.0’ की तकनीकों से जोड़ना था। उसी क्रम में यह उन्नयन कार्यक्रम आयोजित किया गया।

बैठक में कृषि यंत्र निर्माण को बढ़ावा देने के लिए कई महत्वपूर्ण बिंदुओं पर विस्तृत चर्चा की गई। जिलाधिकारी ने विश्वस्तरीय तकनीक अपनाने, मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) लागू करने, सूक्ष्म स्तर पर गुणवत्ता विश्लेषण, नवीनतम तकनीक का उपयोग, उत्पाद की बेहतरीन फिनिशिंग, डिजाइन पैरामीटर पर विशेष फोकस, “एग्री नूर” ब्रांड को प्रोत्साहन, अनुसंधान एवं विकास (R&D) को बढ़ावा, राजकोट एवं लुधियाना मॉडल की तर्ज पर उत्पादन, कठोर गुणवत्ता नियंत्रण प्रणाली, ISO एवं शून्य दोष प्रमाणन, डिजाइन कंसल्टेंसी की व्यवस्था, ITI विद्यार्थियों के बीच बिल्डथॉन प्रतियोगिता, ऑनलाइन प्लेटफॉर्म एवं GeM पर पंजीकरण, प्लग एंड प्ले सुविधा, रिवर्स इंजीनियरिंग, नालंदा आधारित तकनीक अपनाने तथा कंपोनेंट-वार सुधार पर विशेष बल दिया।

उन्होंने सभी निर्माताओं को अपनी कार्ययोजना, क्षेत्रीय आवश्यकताओं एवं अवयव संबंधी रुचि की जानकारी प्रस्तुत करने का भी निर्देश दिया, ताकि क्लस्टर आधारित विकास को गति मिल सके।

कार्यक्रम में जिला कृषि पदाधिकारी, चंडी कृषि अभियंत्रण कॉलेज के प्राचार्य, उप निदेशक कृषि अभियंत्रण, सहायक निदेशक कृषि अभियंत्रण, कृषि विभाग के अन्य पदाधिकारी तथा नालंदा जिले के लगभग 23 कृषि यंत्र निर्माता उपस्थित रहे। कार्यक्रम के माध्यम से कृषि यंत्र निर्माण क्षेत्र में तकनीकी उन्नयन और गुणवत्ता सुधार की दिशा में नई ऊर्जा का संचार हुआ।

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