डीएम ने चंडी स्थित सेंटर ऑफ एक्सीलेंस का किया निरीक्षण, आधुनिक खेती को बढ़ावा देने के निर्देश
चंडी, नालंदा। कुंदन कुमार, जिला पदाधिकारी, नालंदा ने भ्रमण कार्यक्रम के दौरान चंडी प्रखंड स्थित सेंटर ऑफ एक्सीलेंस फॉर वेजिटेबल चंडी का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने पॉलीहाउस, टनल, हाइड्रोपोनिक्स एवं एरोपोनिक्स इकाइयों में संचालित विभिन्न फसलों की उत्पादन प्रक्रिया का जायजा लिया।
निरीक्षण में पाया गया कि पॉली हाउस-01 (1332 वर्गमीटर) में रंगीन शिमला मिर्च (वोलांटी एफ1), पॉली हाउस-02 (1276 वर्गमीटर) में बीजरहित खीरा (बेरीकेट), टनल-01 (400 वर्गमीटर) में बीजरहित खीरा (काफिया), टनल-02 (520 वर्गमीटर) में चेरी टमाटर (नगमोती), टनल-03 (520 वर्गमीटर) में टमाटर (हिमसोहन) तथा टनल-04 (520 वर्गमीटर) में हरा शिमला मिर्च (इंटूडर) का उत्पादन किया जा रहा है।

इसके अतिरिक्त 1800 वर्गमीटर खुले क्षेत्र में पत्तागोभी (वंडरबाल), लाल पत्तागोभी (स्कारलेट), ब्रोकली (फैंटेसी) एवं लाल फूलगोभी (वेलेंटाइन) की खेती हो रही है। 1000 वर्गमीटर क्षेत्र में हाइड्रोपोनिक्स प्रणाली के तहत लेट्यूस (ताकी), बेसिल (एंजा जाडेन), आइसबर्ग (एंजा जाडेन), पाकचोई (नोंगवू) एवं सेलेरी (रीजुवान) का उत्पादन किया जा रहा है, जबकि 1500 वर्गमीटर एरोपोनिक्स इकाई में आलू (लेडी रोसेटा) की खेती की जा रही है।
जिला कृषि पदाधिकारी ने बताया कि इस केंद्र में संरक्षित खेती (प्रोटेक्टेड कल्टीवेशन ) के अंतर्गत उच्च गुणवत्ता वाली सब्जी फसलों का उत्पादन किया जाता है। यहां किसानों को पॉलीहाउस, टनल, हाइड्रोपोनिक्स एवं एरोपोनिक्स जैसी आधुनिक तकनीकों का प्रशिक्षण भी दिया जाता है, जिससे वे उन्नत कृषि पद्धतियों को अपनाकर अधिक उत्पादन एवं बेहतर आय अर्जित कर सकें।

निरीक्षण के दौरान कृषि विभाग के अधिकारियों ने उत्पादन प्रक्रिया, गुणवत्ता नियंत्रण एवं विपणन व्यवस्था से संबंधित जानकारी डीएम को दी।
जिला पदाधिकारी ने केंद्र में संचालित गतिविधियों की सराहना करते हुए कहा कि आधुनिक कृषि तकनीकें किसानों की आय वृद्धि में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती हैं। उन्होंने निर्देश दिया कि अधिक से अधिक किसानों को इन तकनीकों से जोड़ा जाए तथा उन्नत बागवानी पद्धतियों का व्यापक प्रसार सुनिश्चित किया जाए।
इस अवसर पर जिला कृषि पदाधिकारी सहित कृषि विभाग के अन्य पदाधिकारी एवं कर्मी उपस्थित रहे।
