बिहार में खेल तंत्र को मिलेगा नया ढांचा : मुख्य सचिव ने खेल विभाग की समीक्षा की; सुरक्षा, निगरानी, पीपीपी मॉडल एवं संस्थागत सुधारों पर जोर
रानी सिन्हा की रिपोर्ट,
पटना । राज्य में खेल व्यवस्था को अधिक सुरक्षित, पारदर्शी और जवाबदेह बनाने के उद्देश्य से बिहार के मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत ने खेल विभाग की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की। बैठक में खेल सचिव श्री महेन्द्र कुमार सहित विभाग के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
समीक्षा के दौरान मुख्य सचिव ने स्पष्ट निर्देश दिया कि राज्य के सभी पंचायत स्तरीय खेल परिसरों एवं आउटडोर स्टेडियमों में अनिवार्य रूप से सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएं। उन्होंने कहा कि इससे सुरक्षा व्यवस्था मजबूत होगी और गतिविधियों की निगरानी प्रभावी ढंग से की जा सकेगी। साथ ही खेल क्लबों के संचालन को संस्थागत स्वरूप देने, नियमित समीक्षा प्रणाली विकसित करने तथा सचिव स्तर पर निरीक्षण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
बैठक में खेल क्षेत्र में पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (PPP) मॉडल को बढ़ावा देने पर भी विशेष चर्चा हुई। मुख्य सचिव ने स्पष्ट नीतिगत ढांचा तैयार कर निजी क्षेत्र और स्थानीय उद्योगों की भागीदारी सुनिश्चित करने को कहा। उन्होंने युवाओं को खेल प्रतियोगिताओं में अधिकाधिक भाग लेने के लिए प्रेरित करने तथा राज्य में खेल संस्कृति को मजबूत बनाने पर जोर दिया। उनका कहना था कि समावेशी एवं सुव्यवस्थित पीपीपी मॉडल से खेल विकास को नई गति मिलेगी।

खेल सामग्री की खरीद में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए खुले आमंत्रण के माध्यम से आपूर्तिकर्ताओं को सूचीबद्ध करने तथा खेल सामग्री की अधिकतम कीमत निर्धारित करने के निर्देश दिए गए। इससे सभी खेल क्लबों को समान दर पर गुणवत्तापूर्ण सामग्री उपलब्ध कराई जा सकेगी और मूल्य शोषण की संभावना समाप्त होगी। साथ ही प्रत्येक खेल क्लब के साथ जिला खेल पदाधिकारी, सरकारी प्रशिक्षक और शारीरिक शिक्षक को टैग कर जवाबदेही तय करने का भी निर्णय लिया गया।
बैठक में राज्य में संचालित 27 एकलव्य केंद्रों की समीक्षा की गई, जिस पर संतोष व्यक्त करते हुए शेष प्रस्तावित केंद्रों को शीघ्र सक्रिय करने का निर्देश दिया गया। विभाग ने जानकारी दी कि नवंबर और फरवरी माह में हाफ मैराथन का आयोजन प्रस्तावित है, जिसकी शुरुआत इस वर्ष नवंबर से की जाएगी।
यह समीक्षा बैठक राज्य में एक मजबूत, सुरक्षित और समावेशी खेल पारिस्थितिकी तंत्र के निर्माण की दिशा में सरकार के ठोस प्रयासों को दर्शाती है।
