परवलपुर में सात दिवसीय श्रीमद् भागवत कथा का भव्य आयोजन, संतों के प्रवचन से गूंजा क्षेत्र
रानी सिन्हा की रिपोर्ट, परवलपुर (नालंदा) : परवलपुर थाना के समीप सात दिवसीय श्रीमद् भागवत कथा का भव्य आयोजन किया गया है। समाजसेवी विजय प्रकाश के नेतृत्व में आयोजित इस धार्मिक अनुष्ठान को लेकर पूरे क्षेत्र में भक्तिमय वातावरण व्याप्त है। कथा के शुभारंभ से ही श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ रही है और प्रतिदिन बड़ी संख्या में लोग कथा का श्रवण करने पहुंच रहे हैं।
इस आयोजन में पूज्य गौतम जी महाराज एवं संत नागेंद्र दास सहित कई संत-महात्माओं की गरिमामयी उपस्थिति रही। कथा में आसपास के गांवों के अलावा अन्य प्रखंडों से भी श्रद्धालु पहुंच रहे हैं। महिलाओं, पुरुषों एवं युवाओं की सक्रिय भागीदारी से पूरा क्षेत्र धर्ममय हो गया है।

कथा स्थल को आकर्षक ढंग से सजाया गया है। श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए बैठने, पेयजल एवं अन्य व्यवस्थाएं की गई हैं। साथ ही बच्चों और ग्रामीणों के लिए झूले तथा विभिन्न प्रकार की दुकानों की व्यवस्था की गई है, जिससे आयोजन स्थल पर मेले जैसा दृश्य देखने को मिल रहा है। स्थानीय ग्रामीणों ने भी आयोजन को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
अपने प्रवचन में पूज्य गौतम जी महाराज ने कहा कि नालंदा प्राचीन काल से ही ज्ञान और संस्कृति की धरती रही है। उन्होंने कहा कि इस पावन भूमि पर आकर वे स्वयं को सौभाग्यशाली महसूस कर रहे हैं। उन्होंने उल्लेख किया कि राजगीर एक ऐतिहासिक एवं धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण स्थल है, जिसकी ख्याति देश-विदेश तक फैली हुई है। उन्होंने कहा कि ज्ञान बांटने के साथ-साथ सीखने की भावना भी जीवन में आवश्यक है।

वहीं संत नागेंद्र दास जी ने अपने प्रवचन में वर्तमान समय की सामाजिक एवं पर्यावरणीय चुनौतियों पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि आज मनुष्य प्राकृतिक संसाधनों का अंधाधुंध दोहन कर रहा है और प्रकृति के साथ छेड़छाड़ कर रहा है, जिसका परिणाम विभिन्न रोगों और समस्याओं के रूप में सामने आ रहा है। उन्होंने लोगों से प्रकृति संरक्षण का आह्वान करते हुए कहा कि यदि समय रहते हम नहीं चेते, तो आने वाली पीढ़ियों को इसका गंभीर परिणाम भुगतना पड़ सकता है।
सात दिवसीय इस श्रीमद् भागवत कथा को लेकर क्षेत्र में खासा उत्साह देखा जा रहा है। श्रद्धालु भक्ति भाव से कथा का श्रवण कर आध्यात्मिक लाभ प्राप्त कर रहे हैं। आयोजन समिति ने बताया कि कथा के समापन तक विभिन्न धार्मिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम भी आयोजित किए जाएंगे।
