दैली गांव के जोगना सूर्य मंदिर में प्राण-प्रतिष्ठा से पूर्व निकली भव्य शोभायात्रा, श्रद्धालुओं का उमड़ा सैलाब

0
IMG-20260221-WA0113

राकेश पासवान की रिपोर्ट

हरनौत, नालंदा। हरनौत प्रखंड क्षेत्र के नेहुसा पंचायत अंतर्गत दैली गांव स्थित जोगना के समीप लगभग 10 लाख रुपये की लागत से नवनिर्मित सूर्य मंदिर में भगवान सूर्य देव की आकर्षक प्रतिमा स्थापना को लेकर पांच दिवसीय भक्ति अनुष्ठान का आयोजन किया गया है। कार्यक्रम की शुरुआत 18 फरवरी को भव्य कलश शोभायात्रा के साथ हुई थी।

अनुष्ठान के चौथे दिन शनिवार को दोपहर 1:45 बजे पालकी में सुसज्जित भगवान सूर्य देव की प्रतिमा को पहले मंडप की चारों दिशाओं में भ्रमण कराया गया, उसके बाद पूरे नगर में शोभायात्रा निकाली गई। गाजे-बाजे और भक्ति संगीत के बीच निकली इस शोभायात्रा में गांव सहित आसपास के क्षेत्रों से हजारों श्रद्धालु शामिल हुए। पूरे क्षेत्र में भक्ति और उत्साह का माहौल बना रहा।

नगर भ्रमण के उपरांत प्रतिमा को पुनः मंदिर परिसर लाया गया, जहां विद्वान पंडितों द्वारा विधि-विधानपूर्वक पूजा-अर्चना संपन्न कराई गई। वैदिक मंत्रोच्चार के साथ वेदी पूजन एवं अन्य धार्मिक अनुष्ठान संपन्न हुए।

1001269859

राजस्थान से पधारे आचार्य मुरलीधर पांडे ने बताया कि ग्रामवासियों के सहयोग से नवनिर्मित मंदिर में पांच दिवसीय नारायण महायज्ञ सह प्राण-प्रतिष्ठा महोत्सव का आयोजन किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि प्रातःकाल मंडप पूजन के बाद 84 कलशों से जड़ी-बूटियों युक्त पवित्र जल द्वारा भगवान सूर्य देव का स्नान कराया गया, जिसके पश्चात नगर भ्रमण संपन्न हुआ।

आचार्य ने कहा कि त्रेता युग से भगवान सूर्य देव की पूजा होती आ रही है। उन्होंने बताया कि कलियुग में भी आरोग्य, निरोगता और सुख-शांति की प्राप्ति के लिए सूर्य देव की उपासना अत्यंत आवश्यक है। सूर्य देव को प्रत्यक्ष देवता एवं नारायण स्वरूप माना गया है। उन्होंने नई पीढ़ी से सनातन धर्म की परंपराओं को आगे बढ़ाने का आह्वान किया।

आयोजकों ने जानकारी दी कि 22 फरवरी को नवनिर्मित मंदिर में भगवान सूर्य देव की प्राण-प्रतिष्ठा की जाएगी। इसके बाद 24 घंटे का अखंड कीर्तन प्रारंभ होगा।

कार्यक्रम को सफल बनाने में लक्ष्मण कुमार, महंत देवेंद्र, प्रदीप महतो, रविकांत शर्मा, प्रमोद महतो, संजय, जीतू, पंकज, कारू, अनिल, रविंद्र, आनंदी, गजानंद, राजन, बिट्टू, कपिल, शत्रुघ्न सहित समस्त ग्रामीणों का सराहनीय योगदान रहा।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *