जर्जर भवन में पढ़ने को मजबूर 85 बच्चे, कस्तूरी बिगहा प्राथमिक विद्यालय पर मंडरा रहा खतरा
गुड्डू कुमार की रिपोर्ट,
इस्लामपुर (नालंदा)। इस्लामपुर प्रखंड के ढेकवाहा पंचायत अंतर्गत कस्तूरी बिगहा गांव स्थित प्राथमिक विद्यालय का भवन पूरी तरह जर्जर हो चुका है। स्थिति इतनी गंभीर है कि भवन कभी भी जमींदोज हो सकता है, बावजूद इसके छात्र-छात्राएं उसी खतरनाक भवन में पढ़ाई करने को मजबूर हैं। शिक्षा विभाग की लापरवाही से ग्रामीणों में गहरा आक्रोश और भय का माहौल है।
विद्यालय में कुल 85 छात्र-छात्राएं नामांकित हैं। पहले जब कमरे जर्जर हुए तो शिक्षकों ने बरामदे में पढ़ाना शुरू किया, लेकिन अब बरामदा भी खस्ताहाल हो चुका है। छत का प्लास्टर टूटकर गिर रहा है और फर्श भी पूरी तरह क्षतिग्रस्त है। बरसात के दिनों में छत से पानी टपकता रहता है, जिससे पढ़ाई लगभग ठप हो जाती है। हर समय किसी अप्रिय घटना की आशंका बनी रहती है।
ग्रामीणों का कहना है कि नए विद्यालय भवन के निर्माण के लिए उन्होंने स्थानीय विधायक, सांसद और शिक्षा विभाग के अधिकारियों से कई बार गुहार लगाई है, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। क्षेत्र के मुखिया, समाजसेवी और अभिभावक भी बच्चों की सुरक्षा को लेकर चिंतित हैं।
विद्यालय में पदस्थापित सहायक शिक्षक राजेश कुमार ने बताया कि स्कूल में एक बरामदा सहित दो कमरे हैं, जहां पंचम वर्ग तक के छात्रों को पढ़ाया जाता है। भवन की हालत अत्यंत खराब है और बरसात के समय स्थिति और भी भयावह हो जाती है। उन्होंने कहा कि आसपास कोई दूसरा विद्यालय नहीं होने के कारण बच्चों को मजबूरी में इसी जर्जर भवन में पढ़ना पड़ता है।
विद्यालय में पेयजल के लिए एक चापाकल और एक शौचालय की व्यवस्था है। वहीं, स्कूल परिसर की घेराबंदी नहीं होने के कारण परिसर में गंदगी फैली रहती है और मवेशी इधर-उधर घूमते रहते हैं, जिससे बच्चों को अतिरिक्त परेशानी झेलनी पड़ती है।
एक ओर मुख्यमंत्री द्वारा ग्रामीण क्षेत्रों में बेहतर शिक्षा व्यवस्था का दावा किया जा रहा है, वहीं कस्तूरी बिगहा का यह विद्यालय जमीनी हकीकत को उजागर कर रहा है। ग्रामीणों ने प्रशासन से अविलंब नए भवन के निर्माण की मांग की है, ताकि किसी बड़े हादसे से पहले बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
