ऐपवा–आइसा की ‘बेटी बचाओ, न्याय यात्रा’ पतियामा से शुरू होकर राजगीर पहुंची, नीट छात्रा कांड सहित बेटियों पर बढ़ती हिंसा के खिलाफ राज्यव्यापी संघर्ष का ऐलान

0
IMG-20260206-WA0016

अनुमंडल संवाददाता, राजगीर
राजीव लोचन की रिपोर्ट

राजगीर (नालंदा)। अखिल भारतीय प्रगतिशील महिला एसोसिएशन (ऐपवा) और आइसा के संयुक्त तत्वावधान में निकाली जा रही ‘बेटी बचाओ, न्याय यात्रा’ गुरुवार को राजगीर पहुंची। यह यात्रा बुधवार को जहानाबाद जिले के पतियामा गांव से शुरू हुई थी और राज्यभर में बेटियों की सुरक्षा, सम्मान और न्याय की मांग को लेकर विभिन्न जिलों में जनसभाएं एवं नुक्कड़ सभाएं कर रही है।
यात्रा का नेतृत्व ऐपवा की महासचिव कॉमरेड मीना तिवारी कर रही हैं। उन्होंने कहा कि नीट छात्रा की हत्या और दुष्कर्म की घटना ने पूरे राज्य को झकझोर दिया है। बिहार में बेटियां असुरक्षित हैं और सरकार उन्हें सुरक्षा देने में विफल रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि ऐसे मामलों में सरकारी तंत्र अपराधियों को बचाने और पीड़ित परिवारों को डराने में लगा रहता है।
उन्होंने कहा कि केवल सीबीआई जांच की घोषणा पर्याप्त नहीं है, बल्कि दोषियों को कड़ी सजा और पीड़ित परिवार को न्याय मिलना चाहिए। न्याय यात्रा नालंदा जिले के विभिन्न इलाकों में सभाएं और संवाद कार्यक्रम करते हुए आगे बढ़ रही है। यात्रा का रात्रि विश्राम नवादा में होगा, जिसके बाद यह नवादा, गया, औरंगाबाद, अरवल और पटना होते हुए 10 फरवरी को बिहार विधानसभा के समक्ष आयोजित बड़े महिला प्रदर्शन के साथ संपन्न होगी।
यात्रा में ऐपवा की महासचिव मीना तिवारी के साथ संगीता सिंह, रीता वर्णवाल, लीला वर्मा, वंदना प्रभा, आफशा जबीं तथा आइसा की राज्य अध्यक्ष प्रीति कुमारी, प्रिया, अनु और दीपंकर सक्रिय रूप से शामिल हैं।
इस अवसर पर जिला सचिव कॉमरेड सुरेंद्र राम, राजगीर के पार्टी प्रभारी शत्रुध्न कुमार, निरंजन भारती, रामाधीन प्रसाद, उमेश पासवान, प्रमोद यादव, गिरजा देवी, रेणु देवी, चुन्नू प्रसाद सहित अनेक कार्यकर्ता और स्थानीय लोग उपस्थित रहे।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *