नालंदा में साप्ताहिक समन्वय बैठक: ‘सबका सम्मान–जीवन आसान’ योजना पर जोर, अधिकारियों को दिए कई निर्देश

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शंकर कुमार सिन्हा की रिपोर्ट,

बिहार शरीफ, नालंदा। कुंदन कुमार, जिला पदाधिकारी, नालंदा की अध्यक्षता में सोमवार 9 मार्च 2026 को जिला, अनुमंडल और प्रखंड स्तरीय तकनीकी एवं गैर-तकनीकी पदाधिकारियों के साथ साप्ताहिक समन्वय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में मुख्य रूप से सात निश्चय-3 के सातवें निश्चय ‘सबका सम्मान–जीवन आसान (Ease of Living)’ तथा मलमास मेला 2026 की पूर्व तैयारियों को लेकर विस्तार से चर्चा की गई और संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।

जिलाधिकारी ने कहा कि ‘सबका सम्मान–जीवन आसान’ योजना का उद्देश्य जिले में प्रशासनिक व्यवस्था को सुदृढ़, संवेदनशील और जवाबदेह बनाना है, ताकि आम नागरिकों के दैनिक जीवन में आने वाली समस्याओं को कम किया जा सके। उन्होंने कहा कि अक्सर यह देखा जाता है कि आम लोग अपनी समस्याओं को लेकर सरकारी कार्यालय पहुंचते हैं, लेकिन अधिकारी उपस्थित नहीं रहते, जिससे लोगों को असुविधा होती है। इसे देखते हुए कई महत्वपूर्ण निर्देश जारी किए गए।

जिलाधिकारी ने निर्देश दिया कि प्रत्येक सप्ताह सोमवार और शुक्रवार को ग्राम पंचायत, थाना, अंचल, प्रखंड, अनुमंडल और जिला स्तर के सभी सरकारी कार्यालयों में अधिकारी अपने-अपने कार्यालय में उपस्थित रहकर आम लोगों की शिकायतें सुनेंगे और उनका त्वरित निष्पादन करेंगे। यदि किसी अपरिहार्य कारणवश संबंधित पदाधिकारी उपस्थित नहीं रह पाते हैं, तो उनके स्थान पर अधिकृत पदाधिकारी लोगों से मिलकर समस्याओं का समाधान करेंगे। साथ ही सभी कार्यालयों में आगंतुकों के लिए बैठने, पेयजल और शौचालय जैसी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने तथा शिकायत पंजी संधारित करने का निर्देश दिया गया।

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बैठक में एग्री स्टैक परियोजना के अंतर्गत फार्मर रजिस्ट्री के कार्यों की भी समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने कृषि विभाग और राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग को आपसी समन्वय के साथ कैंप लगाकर फार्मर रजिस्ट्री के कार्यों में तेजी लाने का निर्देश दिया। साथ ही जमाबंदी के बकेट क्लेम और सत्यापन कार्य को मिशन मोड में पूरा करने पर जोर दिया गया।

जिला जनता दरबार की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने निर्देश दिया कि वर्ष 2026 में प्राप्त सभी शिकायतों का शत-प्रतिशत त्वरित निष्पादन सुनिश्चित किया जाए तथा निष्पादित मामलों की रिपोर्ट गूगल डॉक पर अपडेट की जाए। उन्होंने भूमि विवाद से संबंधित लंबित आवेदनों के शीघ्र निपटारे का भी निर्देश दिया।

तकनीकी विभागों के पदाधिकारियों को निर्देश दिया गया कि सड़क, भवन और पुल-पुलिया निर्माण से पूर्व संबंधित रैयतों से एनओसी लेना अनिवार्य रूप से सुनिश्चित करें तथा सभी निर्माण कार्य गुणवत्तापूर्ण ढंग से कराएं। वहीं लघु सिंचाई प्रमंडल को जिले के पईन और आहर की सूची के अनुसार अतिक्रमण हटाने का निर्देश दिया गया, ताकि सिंचाई के लिए प्रत्येक खेत तक पानी पहुंच सके।

सामाजिक सुरक्षा योजनाओं की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने मुख्यमंत्री अंतर्जातीय विवाह प्रोत्साहन अनुदान योजना, मुख्यमंत्री नि:शक्तजन विवाह प्रोत्साहन अनुदान योजना, राष्ट्रीय परिवार लाभ योजना और कबीर अंत्येष्टि अनुदान योजना से संबंधित लंबित मामलों के शीघ्र निष्पादन का निर्देश दिया।

लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग को निर्देश देते हुए उन्होंने कहा कि गर्मी के मौसम को देखते हुए नल-जल योजना से जुड़ी शिकायतों के त्वरित समाधान के लिए क्यूआरटी और मोबाइल वाहन की व्यवस्था की जाए, जिसमें अतिरिक्त मोटर और मैकेनिक उपलब्ध रहें ताकि तुरंत समस्या का समाधान किया जा सके।

बैठक में राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के कार्यों की समीक्षा करते हुए म्यूटेशन, परिमार्जन प्लस और ई-मापी कार्यों में प्रगति लाने का निर्देश दिया गया। वहीं सभी अनुमंडल पदाधिकारियों को राशन कार्ड निर्माण के लंबित मामलों का शीघ्र निष्पादन करने और अस्वीकृत आवेदनों का स्पष्ट कारण बताने का निर्देश दिया गया। साथ ही खाद्यान्न का शत-प्रतिशत समय पर वितरण सुनिश्चित करने को कहा गया।

जिला परिवहन पदाधिकारी को राजगीर और बिहारशरीफ में अंतरराज्यीय बस स्टैंड निर्माण के लिए उपयुक्त स्थल चयन करने का निर्देश दिया गया। मद्यनिषेध की समीक्षा के दौरान उत्पाद अधीक्षक को शराब विनष्टीकरण का कार्य शीघ्र पूर्ण करने तथा हिलसा अनुमंडल में उत्पाद थाना निर्माण के लिए भूमि उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए।

इसके अलावा बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में सुरक्षा के मद्देनजर तटबंधों की समय पर मरम्मत कराने का भी निर्देश दिया गया।

बैठक में उप विकास आयुक्त, नगर आयुक्त, अपर समाहर्ता, जिला लोक शिकायत निवारण पदाधिकारी, सभी अनुमंडल पदाधिकारी, जिला स्थापना उपसमाहर्ता, जिला आपूर्ति पदाधिकारी, नजारत उपसमाहर्ता, विशेष कार्य पदाधिकारी (गोपनीय शाखा), सभी भूमि सुधार उपसमाहर्ता, आईटी मैनेजर, शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि और आईसीडीएस विभाग के अधिकारी सहित संबंधित कार्यपालक अभियंता मौजूद रहे। वहीं प्रखंड स्तर के पदाधिकारी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बैठक में शामिल हुए।

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