जरासंध स्मारक की पहली स्थापना दिवस धूमधाम से मनी :स्थापना दिवस जरासंध महोत्सव के रूप में धूमधाम से मनाया गया।
अनुमंडल संवाददाता, राजगीर।
राजीव लोचन की रिपोर्ट…
राजगीर(नालंदा) जयप्रकाश उद्यान में स्थापित जरासंध महाराज की प्रतिमा का पहला स्थापना दिवस धूमधाम से मनाया गया। समारोह का उद्घाटन विधानसभा के अध्यक्ष डॉ. प्रेम कुमार ने किया। मुख्य अतिथि ग्रामीण विकास सह परिवहन मंत्री श्रवण कुमार ने कहा कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने हजारों वर्षों के जरासंध महाराज के इतिहास को स्मारक का निर्माण कर जीवित करने का काम किया है। इसके लिए यह महोत्सव हमेशा उनकी याद दिलाता रहेगा। यह इतिहास के स्वर्णिम अक्षर में लिखा जायेगा। आयोग सदस्य प्रमोद चंद्रवंशी ने कहा कि सूबे की सरकार पर्यटन स्थलों को विकास करने के लिए लगातार प्रयासरत है। पूर्व विधान परिषद सदस्य प्रोफेसर रामबली सिंह चंद्रवंशी ने कहा कि यह मगध सम्राट जरासंध किसी एक जाति का नहीं बल्कि पूरे मगध देश का राजा थे। चन्द्रवंशी ने कहा कि अभी चंद्रवंशी भाइयों को अनुशासन सीखने की जरूरत है।

बड़े छोटे लोगों का ख्याल नहीं रखा जाता है। कार्यक्रम के दौरान स्टेज पर कुर्सी पर बैठने के लिए लोग अपाधापी करते नजर आये। इस पर उन्होंने गहरी नाराजगी जतायी। समाज के सुप्रसिद्ध दंत चिकित्सक डॉ. धर्मेंद्र कुमार ने कहा कि बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के शासनकाल में पर्यटन स्थलों को विकसित कर पर्यटकों को बढ़ावा देने का काम किया गया है। राजगीर में मगध सम्राट जरासंध की प्रतिमा को स्थापित कर उन्होंने सभी समुदाय वर्ग के लोगों का मान सम्मान बढ़ाने का काम किया है। उन्होंने कहा कि मगध सम्राट जरासंध महाराज को एक भगवान के रूप में पूजे जाते हैं। इस मौके पर राज्यसभा सदस्य डॉ. भीम सिंह चंद्रवंशी, पूर्व सांसद चंद्रेश्वर चंद्रवंशी, डॉ. धर्मेन्द्र कुमार चन्द्रवंशी, पूर्व पार्षद एवं सामाजिक कार्यकर्ता इंद्रमोहन सिंह निराला, सभापति जीरो देवी, अरुण कुमार, मिलन सिंह चंद्रवंशी सहित अन्य मौजूद थे।
