हरनौत में 12वीं बिहार राज्य बधिर एथलेटिक्स चैंपियनशिप संपन्न, विजेता खिलाड़ियों को मेडल देकर किया गया सम्मानित
सुनील कुमार की रिपोर्ट
हरनौत (नालंदा)। हरनौत स्थित राजकीय उच्च विद्यालय 10+2 के फुटबॉल मैदान में रविवार को 12वीं बिहार राज्य बधिर एथलेटिक्स चैंपियनशिप ऑफ द डेफ का सफल समापन हुआ। दो दिवसीय इस राज्यस्तरीय प्रतियोगिता में बिहार के विभिन्न जिलों से आए 100 से अधिक बधिर खिलाड़ियों ने हिस्सा लेकर अपनी प्रतिभा और खेल कौशल का शानदार प्रदर्शन किया।
यह चैंपियनशिप कई मायनों में ऐतिहासिक रही। पहली बार राजधानी पटना से बाहर किसी ग्रामीण क्षेत्र में राज्यस्तरीय बधिर एथलेटिक्स प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। साथ ही हरनौत के इतिहास में भी यह पहला अवसर रहा, जब दिव्यांग खिलाड़ियों के लिए इस स्तर का खेल आयोजन फुटबॉल स्टेडियम में संपन्न हुआ।
प्रतियोगिता के दूसरे दिन खिलाड़ियों और खेल प्रेमियों को संबोधित करते हुए बिहार पैरा स्पोर्ट्स संगठन के अध्यक्ष डॉ. शिवाजी कुमार ने कहा कि दिव्यांग खिलाड़ियों को भी सामान्य खिलाड़ियों की तरह समान सुविधाएं मिलनी चाहिए, ताकि वे राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पदक जीतकर देश का नाम रोशन कर सकें। उन्होंने कहा कि संसाधनों के अभाव में कई प्रतिभाएं आगे नहीं बढ़ पातीं, इसलिए समाज और सरकार दोनों की जिम्मेदारी है कि वे इन खिलाड़ियों का सहयोग करें।
उद्घाटन समारोह में डॉ. ए. के. सिन्हा सहित अन्य अतिथियों ने खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि चुनौतियों के बावजूद इन खिलाड़ियों की दृढ़ इच्छाशक्ति और मेहनत प्रेरणादायक है। ऐसे आयोजनों से समाज में समावेशी सोच को बढ़ावा मिलता है।
प्रतियोगिता के दौरान विभिन्न एथलेटिक्स इवेंट्स आयोजित किए गए, जिसमें विजेता खिलाड़ियों को मेडल देकर सम्मानित किया गया। अतिथियों का मोमेंटो देकर स्वागत किया गया। कार्यक्रम में किशोरी जोजोडिया ने अनुवादक की भूमिका निभाते हुए बधिर खिलाड़ियों और अन्य लोगों के बीच संवाद स्थापित किया।
आयोजन को सफल बनाने में लगभग 25 से अधिक को-पार्टनर्स और स्थानीय सहयोगियों का महत्वपूर्ण योगदान रहा।
