अनुदान राशि के भुगतान में देरी पर शिक्षक-कर्मियों का धरना, DEO और DPO पर लगाए गंभीर आरोप

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रानी सिन्हा की रिपोर्ट,

नालंदा/हिलसा। नालंदा जिले के हिलसा स्थित महंत विद्यानंद इंटर महाविद्यालय (एम.वी. कॉलेज) के शिक्षक और कर्मचारी सोमवार को जिला मुख्यालय पहुंचकर नालंदा कलेक्टरेट के सामने धरने पर बैठ गए। प्रदर्शनकारियों ने बिहार एजुकेशन डिपार्टमेंट के अधिकारियों पर लापरवाही और भ्रष्टाचार का आरोप लगाते हुए कहा कि कॉलेज का करीब 1.5 करोड़ रुपये का अनुदान पिछले 16 महीनों से लंबित है।

क्या है पूरा मामला

कॉलेज कर्मियों के अनुसार, बिहार सरकार द्वारा महाविद्यालय के लिए 1 करोड़ 50 लाख रुपये की अनुदान राशि लगभग 16 महीने पहले ही जारी कर दी गई थी। यह राशि कॉलेज के खाते में सुरक्षित है, लेकिन तदर्थ प्रबंध समिति (ऐड हॉक मैनेजिंग कमिटी ) का अनुमोदन नहीं होने के कारण भुगतान की प्रक्रिया पूरी नहीं हो पा रही है।

इलाज के अभाव में दो कर्मियों की मौत का आरोप

धरना दे रहे लिपिक लोकेश कुमार और वरीय शिक्षक कृष्ण चंद्र प्रसाद ने आरोप लगाया कि आर्थिक तंगी के कारण कॉलेज के दो कर्मी मुद्रिका प्रसाद और उपेन्द्र सिंह का समय पर इलाज नहीं हो सका, जिसके कारण उनकी मौत हो गई। उनका कहना है कि यदि समय पर अनुदान राशि मिल जाती, तो शायद उनकी जान बचाई जा सकती थी।

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अधिकारियों पर अभद्र व्यवहार और दलाली का आरोप

कॉलेज के प्राचार्य अंबिका शरण सिंह के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल जब जिला कार्यक्रम पदाधिकारी नेहा कुमारी से मिलने पहुंचा, तो आरोप है कि उन्होंने आवेदन लेने से इनकार कर दिया और कर्मियों के साथ अभद्र व्यवहार किया। कर्मियों का यह भी दावा है कि अधिकारी कार्यालय छोड़कर चले गए।

शिक्षक कृष्ण चंद्र प्रसाद ने आरोप लगाया कि डीपीओ कार्यालय में दलालों का बोलबाला है और काम कराने के बदले 32 हजार से 50 हजार रुपये तक की मांग की जाती है। उन्होंने कहा कि सरकार की ओर से राशि भेजे जाने के बावजूद डीपीओ के अनुमोदन नहीं देने के कारण भुगतान अटका हुआ है।

अनिश्चितकालीन धरना शुरू

अपनी मांगों को लेकर कॉलेज के दर्जनों शिक्षक और कर्मचारी जिला पदाधिकारी कार्यालय के सामने अनिश्चितकालीन धरना पर बैठ गए हैं। आवेदन पत्र पर प्राचार्य के अलावा प्रो. नवलेश प्रसाद, प्रो. कृष्ण चंद्र प्रसाद, प्रो. अवधेश कुमार, प्रो. ईश्वर नारायण सिंह और लोकेश कुमार सहित कुल 26 कर्मियों के हस्ताक्षर हैं।

प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी है कि जब तक अनुदान राशि के भुगतान की प्रक्रिया शुरू नहीं की जाती, तब तक उनका धरना जारी रहेगा।

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