राजगीर है तीर्थंकरों की भूमि – श्री जिनचन्द्र सूरि जी महाराज,भगवान श्री मुनिसुब्रत स्वामी का दर्शन करने पधारे श्री जिनचन्द्र सूरि जी महाराज
अनुमंडल संवाददाता, राजगीर। राजीव लोचन की रिपोर्ट, राजगीर(नालंदा)। जैन श्वेताम्बर भंडार तीर्थ स्थित नौलखा मंदिर में विराजमान बीसवें तीर्थंकर भगवान श्री मुनिसुब्रत स्वामी जी का दर्शन करने गुरुवार को परम पूज्य 1008 श्री जिनचन्द्र सूरि श्री पूज्य जी महाराज अपने शिष्यों रत्नों पूज्य अमृत सुन्दर जी, पूज्य सुमति सुन्दर जी, साध्वी समकीत प्रभा श्री जी के साथ पधारे। श्री जिनचन्द्र सूरि ने कहा कि राजगीर की भूमि अति पवित्र है। यह तीर्थँकरों की भूमि है। भगवान महावीर ने इसी पावन धरा पर 14 चातुर्मास किये थे।

हमें भी उनके बताये रास्ते पर चलना चाहिए। उनके बताये मार्ग सत्य साधना के द्वारा अपने आत्मा का कल्याण करना चाहिए। सत्य साधना के माध्यम से ही आत्मा का कल्याण हो सकता है। उन्होंने कहा कि पावापुरी तीर्थ में आगामी 20 मार्च से 10 दिवसीय साधना शिविर का आयोजन भी किया जा रहा है। इस मौके पर संस्था के सहायक प्रबंधक ज्ञानेन्द्र पाण्डेय, कैशियर संजीव कुमार जैन, उत्तम मनहोत, शशि मनहोत, उज्जवल कोठारी, सीमा सिपानी, ढमना सिपानी सहित अन्य मौजूद थे।
