हरनौत में गैस सिलेंडर की किल्लत से उपभोक्ता परेशान, बाजार में महंगे दाम पर हो रही कालाबाजारी
प्रेम सिंघानिया की रिपोर्ट,
हरनौत (नालंदा)। हरनौत प्रखंड मुख्यालय सहित आसपास के क्षेत्रों में रसोई गैस सिलेंडर की कमी से उपभोक्ताओं को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। स्थिति यह है कि जहां एक ओर गैस एजेंसी पर सिलेंडर उपलब्ध नहीं हो रहा है, वहीं दूसरी ओर बाजार में कालाबाजारी के जरिए सिलेंडर आसानी से महंगे दामों पर मिल जा रहा है।
सबसे अधिक परेशानी ग्रामीण क्षेत्रों के उपभोक्ताओं को हो रही है। उपभोक्ताओं का कहना है कि गैस कंपनियों की ओर से तीन से चार दिनों तक सिलेंडर लेकर कोई वाहन नहीं पहुंचता है। वहीं जब वाहन आता भी है तो उपभोक्ताओं को कई तरह के नियम और शर्तों की जानकारी दी जाती है, जिसके कारण लोगों को सिलेंडर लेने में और भी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
गैस एजेंसी की ओर से बताया जा रहा है कि सिलेंडर उठाव के लिए चार दिन पहले गैस बुकिंग करना, बुकिंग नंबर देना, 25 दिनों के भीतर दोबारा बुकिंग करना, मोबाइल नंबर का रजिस्टर्ड होना, पासबुक के साथ ई-केवाईसी होना और मोबाइल पर बुकिंग का मैसेज आना अनिवार्य है। इन नियमों के कारण कई उपभोक्ता सिलेंडर लेने से वंचित रह जा रहे हैं।
नियामतपुर मोहल्ला की उपभोक्ता मालती देवी ने बताया कि वह सुबह नौ बजे से एजेंसी के पास बैठी हुई हैं, लेकिन शाम पांच बजे तक उन्हें गैस सिलेंडर नहीं मिल सका।
वहीं लोहरा गांव के एक उपभोक्ता ने बताया कि बाजार में कालाबाजारी के जरिए गैस सिलेंडर मिल रहा है, लेकिन जब लोग एजेंसी कार्यालय पहुंचते हैं तो अक्सर शटर बंद मिलता है। उन्होंने कहा कि पहले ऐसी स्थिति नहीं थी, लेकिन अब उपभोक्ताओं को गैस के लिए काफी भटकना पड़ रहा है।
स्थानीय लोगों ने प्रशासन से इस समस्या पर ध्यान देते हुए गैस की नियमित आपूर्ति सुनिश्चित कराने और कालाबाजारी पर रोक लगाने की मांग की है।
