नालंदा में पुलिस की कार्यशैली पर उठे सवाल, दुर्घटना मामले को हत्या में बदल निर्दोषों को फंसाने का आरोप, आरटीआई से मिले कॉल डिटेल्स के बाद परिजनों ने की निष्पक्ष जांच की मांग
रानी सिन्हा की रिपोर्ट
नालंदा (बिहारशरीफ)। नालंदा जिले में एक बार फिर पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो रहे हैं। स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया है कि सड़क दुर्घटना के एक मामले को हत्या का रूप देकर निर्दोष परिवार को फंसाने की साजिश रची गई है। आरटीआई के माध्यम से डायल 112 पुलिस और पुलिस नियंत्रण कक्ष पटना से घटना के समय हुई कॉल डिटेल्स सामने आने के बाद मामला और विवादों में आ गया है।
मामला नालंदा थाना क्षेत्र के रंगीला बिगहा गांव का है। जानकारी के अनुसार, 12 मार्च 2025 को गांव में गुर्जर और श्रवण दूधिया के पुत्र गोलू के बीच रिंकू देवी के घर के पास झगड़ा हो रहा था। झगड़े को शांत कराने के लिए रिंकू देवी अपने दोनों पुत्र चंदन कुमार और कुंदन कुमार के साथ मौके पर पहुंचीं। आरोप है कि इस दौरान श्रवण दूधिया और उसके परिजनों ने गुर्जर को छोड़ रिंकू देवी और उनके बेटों के साथ मारपीट की, जिसमें दोनों युवक घायल हो गए और उनके सिर पर गंभीर चोट आई।
घटना के बाद रिंकू देवी ने नालंदा थाना में श्रवण दूधिया के खिलाफ मारपीट का मामला दर्ज कराया। वहीं, दोनों पक्षों की ओर से काउंटर केस भी दर्ज हुआ।
इसी बीच 16 मार्च को श्रवण दूधिया गांव के राजू के साथ बाइक से बिहारशरीफ जा रहा था। सुंदर बिगहा गांव के पास बाइक एक पेड़ से टकराकर दुर्घटनाग्रस्त हो गई। स्थानीय लोगों की सूचना पर डायल 112 की पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों घायलों को पावापुरी बम्स अस्पताल में भर्ती कराया। इलाज के दौरान सात दिन बाद राजू की मौत हो गई।
परिजनों का आरोप है कि दुर्घटना के बाद श्रवण दूधिया ने साजिश के तहत रिंकू देवी के परिवार को फंसाने का प्रयास किया। स्थानीय पुलिस की मिलीभगत से दुर्घटना को हत्या का रूप देते हुए चौथे दिन बीरेंद्र प्रसाद और उनके पूरे परिवार को आरोपी बनाकर केस दर्ज कर लिया गया, जबकि घटना सड़क हादसा थी।
परिवार का कहना है कि आरटीआई से प्राप्त डायल 112 और पुलिस कंट्रोल रूम की कॉल डिटेल्स से यह स्पष्ट होता है कि मामला दुर्घटना का था, इसके बावजूद हत्या का मामला दर्ज करना पुलिस की निष्पक्षता पर सवाल खड़ा करता है।
पीड़ित परिवार ने जिला प्रशासन से मामले की निष्पक्ष जांच कराने और निर्दोष लोगों को न्याय दिलाने की मांग की है।
