सिलाव में ‘स्वच्छ भारत मिशन’ फेल: कागजों में सफाई, जमीन पर गंदगी का अंबार — महीनों से मानदेय को तरस रहे स्वच्छता कर्मी

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अनुमंडल संवाददाता, राजगीर | राजीव लोचन

राजगीर अनुमंडल क्षेत्र के सिलाव प्रखंड में केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी योजना ‘स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण)’ धरातल पर दम तोड़ती नजर आ रही है। अधिकांश पंचायतों में स्वच्छता व्यवस्था बदहाल है। घर-घर कचरा उठाव, कचरा प्रबंधन और नालियों की सफाई जैसी मूलभूत सेवाएं ठप पड़ी हैं, जबकि कागजों पर अभियान सुचारू रूप से संचालित दिखाया जा रहा है।

ग्रामीणों का आरोप है कि ग्राम पंचायतें विभागीय आदेशों की अनदेखी कर मनमानी कर रही हैं। कचरा उठाने वाले रिक्शा-ठेले जर्जर हालत में हैं और मरम्मत के अभाव में खुद कचरे में तब्दील हो चुके हैं। इससे गांवों में गंदगी का अंबार लग गया है। वहीं पंचायतों में नियुक्त स्वच्छता कर्मी महीनों से मानदेय के लिए भटक रहे हैं।

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बड़ाकर पंचायत की स्थिति बदतर

प्रखंड की बड़ाकर पंचायत, जिसमें कुल 15 वार्ड हैं, वहां स्थिति और भी खराब बताई जा रही है। स्वच्छता अभियान केवल कागजों तक सीमित है। कई वार्डों में नियमित कचरा उठाव और सफाई नहीं हो रही है।

योजना का उद्देश्य अधूरा

स्वच्छ भारत मिशन के तहत गांवों को खुले में शौच मुक्त रखना, ठोस-तरल अपशिष्ट प्रबंधन, नालियों की सफाई और शौचालयों का रखरखाव सुनिश्चित करना है। इसके लिए पंचायतों में सफाई कर्मियों की तैनाती और नियमित निगरानी की व्यवस्था है। लेकिन सिलाव प्रखंड में इन प्रावधानों का पालन नहीं हो रहा है।

स्वच्छता कर्मियों का आरोप

वार्ड संख्या 01 के स्वच्छता कर्मी गुड्डू रजक और वार्ड 02 के डोमन साह ने बताया कि पिछले चार माह से कचरा ढोने वाले रिक्शा खराब पड़े हैं, जिससे घर-घर कचरा उठाव बंद है। मरम्मत के लिए कोई पहल नहीं की जा रही है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि वर्ष 2024 के बाद से मानदेय का भुगतान नहीं हुआ है। मरम्मत के नाम पर पैसे की मांग और मानदेय में कटौती की भी शिकायत की।

पंचायत का पक्ष

इस संबंध में पंचायत की स्वच्छता पर्यवेक्षक रिंकू कुमारी ने बताया कि 15 वार्डों में से सात वार्ड (01, 02, 03, 04, 06, 08, 09) में वाहन खराब होने के कारण कचरा उठाव प्रभावित है। उन्होंने कहा कि धनाभाव के कारण मरम्मत नहीं हो सकी है और सफाई कर्मियों द्वारा पैसे मांगने का आरोप बेबुनियाद है।

प्रशासन की प्रतिक्रिया

प्रखंड विकास पदाधिकारी प्रहलाद कुमार ने कहा कि स्वच्छ भारत मिशन के संचालन की जिम्मेदारी ग्राम पंचायत की है। मुखिया और पंचायत सचिव को व्यवस्था दुरुस्त रखने के निर्देश दिए गए हैं।

ग्रामीणों का कहना है कि यदि जल्द ही व्यवस्था में सुधार नहीं हुआ तो वे आंदोलन करने को मजबूर होंगे।

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