डॉ. अशोक कुमार की निर्मम हत्या के खिलाफ ग्रामीण चिकित्सकों का आक्रोश, कैंडल मार्च निकाल प्रशासन को दी चेतावनी
रजौली (नवादा)। नवादा जिले के रोह प्रखंड में एक सप्ताह पूर्व ग्रामीण चिकित्सक डॉ. अशोक कुमार की नृशंस हत्या से पूरे क्षेत्र में गहरा आक्रोश व्याप्त है। बदमाशों ने हत्या के बाद उनके सिर और धड़ को अलग कर आग के हवाले कर दिया था, जिससे घटना ने जिले को झकझोर कर रख दिया है। इस जघन्य हत्याकांड के विरोध में रजौली प्रखंड में ग्रामीण चिकित्सकों ने कैंडल मार्च निकालकर प्रशासन के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया।
कैंडल मार्च में प्रदेश महासचिव डॉ. विपिन कुमार सिन्हा एवं रजौली प्रखंड अध्यक्ष डॉ. जनार्दन प्रसाद के नेतृत्व में करीब 100 से अधिक ग्रामीण चिकित्सकों ने भाग लिया। सभी ने दोषियों की शीघ्र गिरफ्तारी और ग्रामीण चिकित्सकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की।
इस दौरान डॉ. विपिन कुमार ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि एक सप्ताह के भीतर हत्यारों की गिरफ्तारी नहीं हुई, तो पूरे बिहार में ग्रामीण चिकित्सक हड़ताल पर चले जाएंगे। इसकी पूरी जिम्मेदारी सरकार और जिला प्रशासन की होगी। उन्होंने पुलिस पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा कि घटना के कई दिन बीत जाने के बावजूद अपराधी खुलेआम घूम रहे हैं और पुलिस ठोस कार्रवाई करने में विफल है।

ग्रामीण चिकित्सकों ने कहा कि कोरोना काल में जब बड़े-बड़े अस्पताल और डॉक्टर पीछे हट गए थे, तब ग्रामीण चिकित्सकों ने गांव-गांव जाकर लोगों की जान बचाई थी, लेकिन आज वही चिकित्सक खुद को असुरक्षित महसूस कर रहे हैं।
कैंडल मार्च के माध्यम से चिकित्सकों ने प्रशासन से दोषियों की अविलंब गिरफ्तारी और ग्रामीण चिकित्सकों की सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की मांग दोहराई।
मार्च में डॉ. अखिलेश कुमार, डॉ. लालू प्रसाद, डॉ. अजय सिंह, डॉ. दीपांकर कुमार, डॉ. प्रमोद कुमार गुप्ता, डॉ. रंजीत कुमार, डॉ. विक्की कुमार, डॉ. धीरज कुमार आर्य, डॉ. सत्येंद्र प्रसाद आर्य, डॉ. पवन कुमार वर्मा, डॉ. संतोष कुमार, डॉ. अजय कुमार सिंह, डॉ. कयूम अंसारी, डॉ. राजेश कुमार, डॉ. ज्ञानेंद्र आर्य सहित अन्य चिकित्सक मौजूद रहे।
