गौतम इंस्टिच्यूट ऑफ नर्सिंग एंड पारामेडिक्स में राष्ट्रीय कुष्ठ दिवस का आयोजन, “कुष्ठ रोग का इलाज संभव है, पर भ्रांतियों का नहीं”
रानी सिन्हा, संबाददाता नूरसराय।
नालंदा। गौतम इंस्टिच्यूट ऑफ नर्सिंग एंड पारामेडिक्स (पारामेडिक्स विभाग) में राष्ट्रीय कुष्ठ दिवस का आयोजन किया गया। इस वर्ष का थीम “कुष्ठ रोग का इलाज संभव है, पर भ्रांतियों का नहीं” रखा गया, जिसके माध्यम से समाज में कुष्ठ रोग से जुड़ी भ्रांतियों को दूर करने और समय पर उपचार के महत्व को रेखांकित किया गया।
इस अवसर पर गौतम ग्रुप के अध्यक्ष डॉ. अभिजीत कुमार गौतम ने कहा कि कुष्ठ रोग पूरी तरह उपचार योग्य है और समाज में फैली भ्रांतियों को दूर करने की जरूरत है। उन्होंने लोगों से अपील की कि रोग के प्रति भय या भेदभाव की भावना छोड़ें और रोगियों को सम्मान दें।
महाविद्यालय की प्राचार्य डॉ. खुशबू कुमारी ने कहा कि कुष्ठ रोग का इलाज सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों में निःशुल्क उपलब्ध है। सही समय पर उपचार कराने से रोगी सामान्य जीवन जी सकता है और संक्रमण को फैलने से रोका जा सकता है।

सहायक प्राध्यापक डॉ. तनवीर हसन ने समाज से आग्रह किया कि कुष्ठ रोग से पीड़ित व्यक्तियों के साथ भेदभाव न किया जाए और उन्हें मुख्यधारा में शामिल करने में सहयोग किया जाए।
कार्यक्रम के दौरान पारामेडिकल विभाग के छात्र-छात्राओं ने जागरूकता पोस्टर, पंपलेट वितरण और शपथ कार्यक्रम के माध्यम से लोगों को रोग से संबंधित जानकारी दी। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य कुष्ठ मुक्त भारत के संकल्प को साकार करना और समाज में सकारात्मक सोच का विकास करना रहा।
इस अवसर पर विषय आधारित वाद-विवाद प्रतियोगिता का आयोजन भी किया गया, जिसमें
प्रथम स्थान सचीन कुमार, सुभाकर कुमार, शुभम कुमार रहा।
जबकि द्वितीय स्थान पर रजनी कुमारी, ज्योति कुमारी, काजल कुमारी, प्रमलता कुमारी, नुतन कुमारी, निशांत कुमार, सागर कुमार, काजल कुमारी, मो. आकिब रहे।
कार्यक्रम में सहायक प्राध्यापक सोनाली सिंह, सुब्रता बेज, राहुल पासवान, अविनाश कुमार, आदित्य कुमार रंजन, तथा कार्यालय कर्मी ममता सिन्हा, ममता कुमारी, दिव्या कुमारी, शिवकांत कुमार सहित अन्य उपस्थित थे।
